महाभारत विदुर नीति

इस कलयुग में क्या आपके पास है यह 6 चीज़ें??? तो समझिए आप हैं भाग्यशाली

पांचवा वेद जिसे महाभारत कहा जाता है, उसमें मौजूद सभी पात्रों की अपनी एक अलग ही विशेषता थी। जैसे कि – किसी के पास 10 हजार हाथियों का बल था, तो किसी के पास तेज दिमाग और कूटनीति, तो वहीं कोई वेदों, शास्त्रों और धर्मनीति का ज्ञाता माना जाता था।

वहीं, अपने इन्हीं गुणों के कारण समाज में सम्मान भी प्राप्त था। और इन सभी पात्रों में एक नाम ऐसा था, जिनकी बुद्धिमता और ज्ञान को लोग आज भी पूजा करते हैं।

महात्मा विदुर नीति के महान ज्ञाता और दूरदर्शी माने जाते थे और उन्हें संपूर्ण वेदों और शास्त्रों का ज्ञान भी था। आज भी उनकी नीति लोगों को सही राह दिखाने का काम बखूबी कर रही है। विदुर की मानें तो 6 ऐसी चीजें हैं, जिनके पास होने पर कोई भी व्यक्ति संसार के सभी सुखों को प्राप्त कर पाता है। और तो और इन छह चीजों को हासिल करने वाले व्यक्ति को ही वास्तव में भाग्यशाली कहते हैं।

आज वेद संसार आपको बताने जा रहा है कि आखिर वह कौन सी 6 चीजें हैं, जिनके होने से किसी भी इंसान का भाग्य चमक जाता है और वह धरती के सभी सुखों को भोग पाता है —

• ज्ञान

याद रखें वह इंसान धनि कहलाता है, जिसके पास ज्ञान होता है। इस संसार में मनुष्य के पास ज्ञान ही एक मात्र ऐसा धन है, जिसे कोई चोरी नहीं कर सकता और चाह कर भी किसी से बांट नही सकता है। शास्त्रों में इस बात का साफ वर्णन है कि ज्ञान ही इंसान की सबसे बड़ी दौलत होती है। यह सत्य है कि व्यक्ति का ज्ञान सदैव उसके लिए विपरीत समय में एक हथियार की भांति कार्य करता है और हमेशा व्यक्ति के साथ ही रहता है। आज के इस कल्युग में भी ज्ञान ही व्यक्ति के लिए आय का सबसे बड़ा साधन बन चुका है।

• आय का साधन 

ज्ञान का सही उपयोग कोई ना करें, तो वह इंसान अपने जीवन में कुछ भी हासिल नहीं कर सकता है। जीवन जीने के लिए सबसे अधिक अगर किसी चीज़ की आवश्यकता होती है तो वह है आय का साधन। जी हां, जिस व्यक्ति के पास आय के साधन नहीं होते हैं, वास्तव में वह व्यक्ति दुर्भाग्यशाली कहलाते हैं और उसे जीवन में कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जो लोग धनहीन होते हैं, उन्हें अपनी जरुरतों को पूरा करने के लिए दूसरों के आगे हाथ फैलाना पड़ता है और कई बार जब दूसरों के आगे हाथ फैलाने के बावजूद उसकी जरुरतें पूरी नहीं हो पाती हैं, तो मजबूरन उसे किसी गलत रास्ते का चुनाव भी करना पड़ता है।

• मीठी वाणी 

विदुर नीति की मानें तो वह स्त्री-पुरुष जो मीठा बोलते हैं, उनके ऊपर मां सरस्वती का आशीर्वाद हमेशा बना रहता है। शास्त्रों में भी इस बात का उल्लेख है कि हमारी वाणी में मां सरस्वती का वास होता है। कहते हैं कि जो लोग बुरे और कटु वचन बोलते हैं, तो उनका स्वभाव भी उनकी भाषा की तरह बुरा बन जाता है। वहीं, जो लोग मधुर वाणी बोलते हैं वह मनुष्य अपनी जरूरत को किसी की तृष्णा में आसानी से परिवर्तित कर सकते हैं। याद रहे कि विदुर के अनुसार जो व्यक्ति मधुर वाणी का स्वामी होता है, भाग्य भी उसकी साथ हमेशा देता है।

• हेल्दी बॉडी

जो लोग बहुत बीमार होते हैं उनका शरीर भी कमजोर पड़ जाता है। बता दें कि बीमार व्यक्ति की मानसिक और शारीरिक शक्तियां सभी नष्ट हो जाती है, जिसके कारण वह कोई भी कार्य ठीक से नहीं कर पाता है। वहीं, बार-बार बीमार होने से व्यक्ति के जमा किए हुए धन का भी नुकसान होता है। अगर मनुष्य निरोगी है, तो वह वाकई में भाग्यशाली कहलाता है।

• अच्छे आचरण वाली स्त्री

किसी ने सही कहा है कि एक सफल इंसान के पीछे एक स्त्री का हाथ होता है। एक स्त्री यदि चाह ले तो किसी घर को स्वर्ग बना सकती है या उसे नर्क में भी तब्दील कर सकती है। अच्छे स्वभाव और अच्छे आचरण वाली स्त्री घर के पूरे माहौल को खुशनुमा बनाए रखती है, जिस कारण घर में भी सुख-समृद्धि और प्रेम हमेशा कायम रहता है। जिस व्यक्ति के पास ऐसी धर्मपत्नी हो, वह व्यक्ति वास्तव में भागयशाली होता है।

• आज्ञाकारी संतान

हर माता-पिता की एक ही कामना होती है कि उसकी संतान आज्ञाकारी हो और उसके कुल का नाम रोशन करें। बता दें कि विदुर ने आज्ञाकारी संतान की तुलना उस सुगंधित पुष्प से की है, जो समस्त उपवन को अपनी खूशबू से महका सकता है। वहीं, अगर संतान आज्ञाकारी ना हो, तो समस्त कुल का नाश हो जाता है। ऐसे में जिनकी संतान आज्ञाकारी होती है, वह वाकई में बहुत सुखी और सौभाग्यशाली माने जाते हैं।

Leave a Comment