रत्न - Gemstone

नीला पुखराज क्या है, जानें इसके फायदे

नीला पुखराज क्या है तथा जानें इसके फायदे

आपने अपने घर के बड़े-बुढ़ों से पुखराज के महत्व की गाथा ज़रूर सुनी होगी। ऐसी मान्यता है कि शनि ग्रह के बुरे प्रभाव और पीड़ा को शांत करने के लिए नीला पुखराज को धारण करने की सलाह दी जाती है। नीला पुखराज को इंद्र नीलमणि भी कहा जाता है। कहते हैं कि नीला पुखराज जैसे खास रत्न को अगर दूध में डाला जाता है तो दूध भी नीला रंग धारण कर लेता है। वहीं, मकर तथा कुंभ राशि के व्यक्तियों के लिए नीला पुखराज धारण करना बहुत शुभ माना जाता है।

नीला पुखराज की खास बातें

नीला पुखराज की खास बातें

नीला पुखराज को पहनने से आपके जीवन में अनुकूलता हमेशा बनी रहेगी। यही नहीं, सही स्थितियांं अपने आप बनने लग जाती है और लोग आपकी ओर आकर्षित भी होने लगते हैं। वहीं, अगर नए-नवेले कपल के बीच आए-दिन तनाव बना रहता है या फिर यूं कहे कि सामंजस्य की कमी आपके दाम्पत्य जीवन में असंतोष फैला रही हो तो, ऐसी स्थिति में यह रत्न कमाल का असर दिखाता है। ध्यान दें कि अगर पति-पत्नी दोनों ही इसे धारण करे, तो उनका दाम्पत्य जीवन सुखमय बन सकता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ब्लू टोपाज में बृहस्पति और शनि दोनों ही ग्रहों का मिक्स प्रभाव मौजूद होता है। इसलिए जिन व्यक्तियों की भी कुंडली में बृहस्पति और शनि परस्पर एक दूसरे के सम्बन्ध में होते हैं, उन्हें ब्लू टोपाज अवश्य धारण करना चाहिए|

नीला पुखराज के फायदे

• नीला पुखराज पहनने से आपका मन कभी अशांत नहीं रहता है।

• ऐसी मान्यता है कि नीलम धारण करने वाले लोगों को ज्ञान तथा धैर्य दोनों की वृद्धि होती है।

• नीला पुखराज जो भी लोग पहनते हैं उनकी वाणी कटोर होते हुए भी मिठास, अनुशासन तथा विनम्रता में तब्दील हो जाती है।

• राजनेताओं व राजनीति से जुड़े लोगों के लिए भी नीलम बहुत लाभकारी माना जाता है। कहते हैं कि इसे धारण करने से नेतृत्व क्षमता बढ़ती है।

• कहते हैं कि जो लोग तनाव तथा चिंताओं से घिरे हुए होते हैं उन्हें नीला पुखराज ज़रूर धारण करना चाहिए।

नीला पुखराज स्वास्थ्य के लिए कैसे है लाभकारी

• ज्योतिषी की मानें तो लकवा, हड्डियां, दांतों और दमा की परेशानी से ग्रस्त रोगियों के लिए नीला पुखराज बेहद फायदेमंद होता है।

• कहते हैं कि नीला पुखराज पहनने से चर्म रोग तथा प्लेग जैसी गंभीर बीमारियों से निजात मिलती है। ज्योतिषी शनि से प्रभावित रोगों और परेशानियों में भी नीलम या नीला पुखराज धारण करने की सलाह देते हैं।

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