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माणिक्य रत्न की पहचान कैसे करें, बताए ये भविष्य

माणिक्य रत्न की पहचान कैसे करें

यह हम सभी जानते हैं कि सूर्य अग्नि ग्रह कहलाता है। यह इंसान को उग्र बनाता है और सूर्य का रत्न है माणिक्य। बता दें कि माणिक्यु रत्न अपने आप में बहुत खास है, क्योंकि यह आपकी किस्मत को चमका सकता है। ध्यान रखें कि यह तभी मुमकिन है जब यह रत्न आपकी राशि के अनुकूल हो।

यह बहुत कम लोग जानते हैं, कि जिस तरह सेटेलाईट हमें बदलते मौसम की जानकारी समय से पहले दे देती है, ठीक उसी तरह सूर्य के रत्न माणिक्य में यह खास खूबी है कि वह आने वाली संकट की सूचना इंसान को पहले ही दे देता है।

यहां जानें: माणिक्य रत्न कैसे बता देता है भविष्य

ज्योतिषशास्त्रों की मानें तो माणिक्य को जो भी व्यक्ति धारण करता है वह अगर आने वाले समय में गंभीर रूप से बीमार होने वाला है तो माणिक्य का रंग फीका हो जाता है।

वहीं, अगर व्यक्ति की मृत्यु होने वाली होती है तो करीब तीन महीने पहले से पहने हुए माणिक्य का रंग सफेद होने लग जाएगा।

यही नहीं, मान्यता यह भी है कि पति-पत्नी दोनों अगर माणिक्य को धारण करते हैं, तो पत्नी के बेवफाई करने पर पति द्वारा धारण किए गए माणिक्य का रंग फीका पड़ जाने लगता है। ठीक उसी तरह अगर पति बेवफाई करें, तो पत्नी द्वारा धारण किये गये माणिक्य का रंग फीका पड़ जाता है।

माणिक्य में ताकत

माणिक्य में रक्त संबंधी कई रोगों को दूर करने की ताकत मौजूद है और साथ ही तपेदिक से पीड़ित व्यक्ति अगर इसे धारण कर लें, तो चिकित्सा का लाभ उसे तेजी से प्राप्त होता है।

माणिक्य किस राषि वाले लोगों के लिए शुभ

माणिक्य किस राषि वाले लोगों के लिए शुभ

ज्योतिषशास्त्र की मानें तो जिनकी राशि अथवा लग्न सिंह, मेष, वृश्चिक, कर्क एवं धनु है, उनका माणिक्य रत्न को धारण करना बहुत शुभ माना जाता है। माणिक्य को धारण करने से दूषित विचारों को नियंत्रित करने में सफलता तो मिलती ही है और साथ ही साथ धार्मिक आस्था एवं पद-प्रतिष्ठा का भी लाभ मिलता है।

माणिक्य की पहचान कैसे करें

शुद्ध दूध में असली माणिक्य रखने पर दूध का रंग गुलाबी दिखाई देता है। वहीं, कांच के बरतन में इसे रखने से बरतन के चारों ओर हल्की किरण निकलती हुई दिखाई देती है।

माणिक्य धारण कैसे करें

ज्योतिषशास्त्रों के अनुसार बिना मंत्र को पढ़ें माणिक्य को धारण करने से इसका पूरा लाभ नहीं मिल पाता है। ध्यान रखें कि माणिक्य को धारण करने से पहले भगवान सूर्य देव की पूजा करें।

माणिक्य पहनने के साथ ही “ओम् ह्रां ह्रीं, ह्रौं सः सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करें और इसके बाद रत्न धारण करें।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कृतिका, उत्तराफाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा और रविपुष्य नक्षत्र में रविवार का दिन खासकर इस रत्न को धारण करना बहुत शुभ माना जाता है।

किन लोगों को माणिक्य नहीं पहनना चाहिए

किन लोगों को माणिक्य नहीं पहनना चाहिए

1. कन्या, मकर, मिथुन, तुला और साथ ही कुंभ लग्न में माणिक्य नुकसान देता है।

2. अगर आपको हाई बीपी या दिल की बीमारी है, तो माणिक्य भूलकर भी नहीं पहनें।

3. वहीं, जिनका संबंध पिता के साथ ठीक नहीं है, उन्हें भी माणिक्य नुकसान दे सकता है।

4. यही नहीं, अगर आप शनि से जुड़े क्षेत्रों में हैं तो भी माणिक्य धारण ना करें।

बताते चलें कि कोई भी रत्न इंसान को फायदा पहुंचाने के लिए होते हैं, लेकिन सच यह भी है कि इनका गलत इस्तेमाल आपकी जिंदगी संवारने की बजाय तबाह भी कर सकता है। आपके लिए अच्छा यही होगा कि माणिक्य या कोई भी दूसरा रत्न धारण करने से पहले आप विशेषज्ञ की सलाह ज़रूर ले लें।

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