ज्योतिष हस्तरेखा

माथे की लकीर बता सकती है कितने भाग्यशाली हैं आप!

जिस तरह हमारे हाथों की हथेली में लकीरें होती हैं और वह हमें हमारे भविष्य की जानकारियां देती है… बताती हैं हमें कि हम भाग्यशाली है या नहीं… आने वाले समय में क्या शुभ होगा और क्या अशुभ… ठीक उसी तरह हमारे माथे पर भी लकीरें होती हैं जो बता सकती है कि आप भाग्यशाली हैं या नहीं। क्यों चौंक गए ना कि भला माथे की लकीर कैसे यह बता सकती है कि हम कितने भाग्यशाली हैं???

तो चलिए बिना देर करते हुए आज वेद संसार आपको यह बात बताने जा रहा है कि आखीर कैसे हमारे माथे की लकीरों का कनेक्शन भाग्य से जुड़ा हुआ होता है –

सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार किसी भी व्यक्ति के माथे की लकीरों को देखकर आप यह बात आसानी से पता कर सकते हैं कि वह कितना भाग्यशाली है। माथे की यह लकीरें व्यक्ति के भूत, वर्तमान और भविष्य की ओर इशारा करती हैं।
माथे की लकीर क्या कहती है –

1. धन से जुड़ी माथे की पहली लकीर –

सामुद्रिक शास्त्र की मानें तो व्यक्ति के माथे की पहली लकीरों का संबंध सीधे धन से होता है। यह लकीर भौं के निकट बनती है, जिसे धन की लकीर भी कहते हैं। वहीं, जिस व्यक्ति की धन की यानी माथे की पहली लकीर जितनी साफ दिखाई देगी, वह व्यक्ति उतना ही धनवान कहलाता है। परंतु माथे की वही लकीर स्पष्ट ना हो तो जान लें कि यह संकेत देता है कि आने वाले समय में व्यक्ति को धन से जुड़ी कई समस्याएं होनी वाली है। उस व्यक्ति के वित्तीय जीवन में उतार-चढ़ाव की संभावनाएं भी हमेशा बनी रहेगी।

2. माथे की दूसरी लकीर सेहत की देती है जानकारी –

अब बात करते हैं माथे पर बनीं दूसरी लकीर की जो व्यक्ति के स्वास्थ्य जीवन से जुड़ी हुई मानी जाती है। यह लकीर भौहों के निकट की लकीर के बाद दूसरी लकीर होती है। बता दें कि अगर माथे की दूसरी लकीर गाढ़ी और साफ दिखाई देती हो तो समझ लें कि इसका मतलब है कि उस व्यक्ति का स्वास्थ्य जीवन पर हमेशा अच्छा बना रहेगा। इसके विपरीत यह लकीर पतली और हल्की होती है तो व्यक्ति को स्वास्थ्य या परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जान लें कि माथे की दूसरी लकीर का स्पष्ट ना होना खराब स्वास्थ्य की ओर भी इशारा करता है।

3. भाग्य से है माथे की तीसरी लकीर का कनेक्शन –

माथे पर पड़ने वाली नीचे से तीसरी लकीर भाग्य की लकीर होती है और यह लकीर बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। खास बात यह है कि यह लकीर बहुत ही कम लोगों के माथे पर होती है। अगर यह लकीर माथे पर बनी होती है, तो वह व्यक्ति भाग्यशाली कहलाता है।

4. जीवन के उतार-चढ़ाव से जुड़ी है चौथी लकीर –

हमारे माथे पर बनने वाली चौथी लकीर का संबंध जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव से होता है। हालांकि यह लकीर 26 से 40 वर्ष तक के उतार-चढ़ाव और संघर्ष के बारे में जानकारी देती है। ऐसे व्यक्ति चालीस (40) की उम्र के बाद ही सफलता की बुलंदियों में होते हैं। ऐसे व्यक्तियों का आर्थिक जीवन भी बहुत अच्छा होता है।

5. पांचवीं लकीर को माना जाता है खतरनाक –

याद रखें कि माथे पर बनने वाली पांचवीं लकीर बहुत ही खतरनाक मानी जाती है। यह लकीर आपके जीवन में तनाव और चिंता को दर्शाती है। कभी-कभी तो ऐसे लोग अपना घरबार छोड़कर वैराग्य जीवन की तरफ चल देते हैं।

6. छठी लकीर वाले करते हैं अप्रत्याशित उन्नति –

बताते चलें कि माथे पर छठी लकीर नाक की सीधी तरफ ऊपर जाने वाली लकीर को कहते हैं। इसे दैवीय लकीर कहा जाता है, और ऐसा इसलिए क्योंकि यह लकीर संकेत देती है कि व्यक्ति के ऊपर दैवीय कृपा है। ऐसे व्यक्ति जीवन में अप्रत्याशित रूप से सफल होते हैं।

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