हिन्दू पर्व

यशोदा जयंती क्या है , कैसे संतान प्राप्ति का सपना हो सकता है पूरा

यशोदा जयंती क्या है

फाल्गुन के महीने में माता यशोदा का जन्म दिवस मनाया जाता है, जिसे यशोदा जयंती कहते हैं लोग। इस खास दिन भगवान कृष्ण की पूजा की जाती है जिसे करने से निसंतान दंपतियों को संतान की प्राप्ति होती है।

वहीं, अगर हम हिंदू पंचाग की बात करेंगे तो उसके अनुसार फाल्गुन माह की षष्ठी तिथि को दक्षिण भारत, महाराष्ट्र और गुजरात में बहुत ही हर्षो-उल्लास के साथ मनाया जाता है।

यशोदा जयंती क्या है

भगवान श्रीकृष्ण की मां का नाम यशोदा था और यशोदा वात्सल्य की देवी मानी जाती है, जो यश और हर्ष देने वाली मानी जाती है।

यशोदा जयंती व्रत कथा

यशोदा जयंती की सबसे प्रचलित व्रत कथा यह है कि एक समय माता यशोदा ने भगवान विष्णु के लिए तपस्या की थी और उनकी इस तपस्या से खुश होकर भगवान विष्णु ने वरदान मांगने के लिए कहा। माता ने यह साफ कहा कि मेरी यह इच्छा है कि आप मुझे पुत्र के रूप में प्राप्त हो।

भगवान ने खुश होकर उन्हें कहा कि आने वाले समय में वासुदेव और देवकी माता के घर मैं जन्म लूंगा, लेकिन मुझे माता का सुख आपसे ही प्राप्त होगा। गौरतलब है कि भगवान विष्णु के अनुसार वही हुआ और भगवान कृष्ण देवकी माता और वासुदेव की आठवीं संतान के रूप में जन्म लिए। दूसरी ओर, कंस आकाशवाणी के कारण यह जानता था कि उसका वध देवकी और वासुदेव की संतान के हाथों ही लिखा है।

ऐसे में कंस ने अपनी बहन और उसके पति को कारावास में बंद कर दिया। कृष्ण का जन्म हुआ तो वासुदेव उन्हें नंद बाबा और यशोदा माता के घर छोड़कर आ गए जिससे उनका जीवन सुरक्षित रहे। माता यशोदा और कृष्ण के प्रेम की दास्तां आपको हर जगह वर्णित मिलेगी। भगवान श्री कृष्ण कभी माखन चोर बने तो कभी राक्षसों का वध किया।

यशोदा माता को अपने मुख में पूरे ब्राह्मण के दर्शन करवा दिए। इन्हीं लीलाओं से माता यशोदा को अहसास हुआ कि उनका पुत्र भगवान विष्णु का ही कोई एक रूप है। इस दिन माता यशोदा और भगवान कृष्ण के पूजन से निसंतान दंपत्ति को संतान सुख प्राप्त होता है।

दोस्तों अगर आप या आपके परिवार में किसी को संतान का सुख नहीं मिल पा रहा है तो ज़रूर इस शुभ दिन यशोदा जयंती का व्रत रखें और सच्चे मन से भगवान श्री कृष्ण की अराधना करें… आपको संतान की प्राप्ति ज़रूर होगी।

बता दें कि अगर आप अपने घर के मंदिर में बाल गोपाल को रख रहे हैं तो इस बात का खास ख्याल रखें कि आप बाल गोपाल को झूला रोज़ झुलाए, उन्हें मिशरी व माखन का भोग लगाए और हो सकें तो चंदन भी लगाएं। सफेद या पीले गेंदे के फूल से उनको सजाए और उनकी आरती रोज़ करें।

यह सत्य है कि हर किसी को आसानी से संतान का सुख मिल जाए यह संभव नहीं लेकिन सत्य यह भी है कि अपनी कोशिश नहीं छोड़नी चाहिए। भगवान पर विश्वास रखें क्योंकि उसने आपके लिए कुछ अच्छा ही सोचकर रखा होगा।

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