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फुलेरा दूज क्या है और यह क्यों माना जाता है यह शुभ!

फाल्गुन महीने में शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि को मनाया जाता है फुलेरा दूज। यह खास दिन भगवान श्री कृष्ण और राधा को समर्पित माना जाता है। वहीं विद्वानों की मानें तो यह दिन दोषमुक्त दिन होता है, इसलिए इस दिन कुछ भी करने के लिए आपको शुभ समय या फिर दिन का इंतज़ार नहीं करना पड़ता है, क्योंकि फुलेरा दूज अपना हर क्षण शुभता लेकर आता है।

फुलेरा दूज कैसे मनाया जाता है

खासकर के महिलाओं को इस दिन पूरे सोलह (16) श्रृंगार करने चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण और राधा को सुगंधित व सुंदर फूलों से सजाएं और फिर उनकी पूजा कर लेने के बाद उनके सामने अबीर और गुलाल अर्पित करना ना भूलें। साथ ही आप अपने घर में ही कुछ सफेंद रंग का मीठा बनाकर भगवान श्रीकृष्ण और राधा को भोग लगाएं और फिर उस प्रसाद को बांटे और खुद भी खाएं। अगर घर में कुछ मीठा आप नहीं बना सकते हैं, तो आप मिश्री भी चढ़ा सकते हैं।

घर में गोपी-किशन के गीत बजाए… नाचे और गाए… घर में रंगोली भी बनाएं। कोशिश करें कि इस शुभ दिन आप किसी को श्रृंगार की कुछ चीज़ें दे और फूलों को दान करना बहुत ही फलदायी माना जाता है।

फुलेरी पूजा को करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान –

• याद रखें कि फुलेरा दूज की पूजा सुबह नहीं बल्कि शाम को ही करने की परंपरा है और आपको यह परंपरा नहीं भूलनी चाहिए।

• किसी भी गंदे वस्त्र में पूजा करने से बचें, क्योंकि आपकी पूजा सफल नहीं मानी जाएगी। हमेशा साफ-सुथरे और रंग बिरंगे कपड़ों में ही भगवान श्रीकृष्ण और राधा की पूजा करें।

• वहीं अगर आप अपना प्रेम पाना चाहते हैं औऱ उसके लिए यह पूजा अर्चना कर रहे हैं, तो गुलाबी रंग के वस्त्र पहनना ना भूलें।

• औऱ अगर आप अपने लाइफ पार्टनर के लिए पूजा करना चाहते हैं, तो पीले रंग का वस्त्र ज़रूर से धारण करें।

• इस खास पूजा को करने के बाद सात्विक यानि कि शाकाहारी भोजन ही खाएं। मांसाहारी भोजन खाने से बचें, क्योंकि ऐसा करने से आपकी पूजा सफल नहीं मानी जाएगी।

यह हम सभी जानते हैं कि भगवान श्रीकृष्ण और राधा की पूजा बहुत ही प्रेम के साथ किया जाता है और वही सच्चा प्रेम आपकी मनोकामनाओं को पूरा करने में मदद करता है। याद रखें सच्चे मन से मांगी हुई दुआ भगवान ज़रूर सुनते हैं और उसे पूरी भी करते हैं।

तो दोस्तों अगर आपकी भी कोई मनोकामना है या फिर कोई बहुत ज़रूरी काम अटका  हुआ हो तो फुलेरा दूज के शुभ दिन आप पूरे विधि विधान के साथ पूजा करें और भगवान श्रीकृष्ण और राधा को खुश करने की कोशिश करें। देर से ही सही लेकिन भगवान ज़रूर से सुनते हैं।

होली से पहले आने वाले इस फुलेरी दूज में आप रंग और गुलाल की खरीदारी कर लें और पहला रंग भगवान श्रीकृष्ण और राधा के साथ ही खेले और इस नए की शुरुआत खुशियों से करें। गीत गाए, नाचे-झूमे और साथ ही खूब सारा मीठा भी खाएं।

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