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होलिका दहन के समय उठने वाली धुंआ कैसे बताती है भविष्य, जानें राज!

होलिका दहन के समय उठने वाली धुंआ कैसे बताती है भविष्य

किसी नए साल की शुरुआत अगर कोई त्योहार से होती है तो वह है होली… खूबसूरत रंगों का मेल और यही वह त्योहार है जब दुश्मन भी दोस्त बन जाते हैं और एक-दूसरे पर रंगों की बरसात कर यही गाते नज़र आते हैं कि “बुरा ना मानो होली है”…

होली का पावन पर्व ढेर सारी खुशियां लेकर आता है और साथ ही लाता है परिवार की एकता… क्योंकि अकसर लोग इस त्योहार को मनाने अपने-अपने घर ज़रूर जाते हैं।

वहीं, होली से ठीक एक दिन पूर्व मनायी जाती है होलिका जिसे होलिका दहन के नाम से हम सभी जानते हैं। यह होलिका दहन भी बहुत महत्वपूर्ण होती है और इसे मनाने के पीछे भी कई राज़ हैं।

आज वेद संसार आपको बताने जा रहा है कि होलिका दहन के समय उठने वाली धुआं हमारे आने वाले भविष्य के बारे में क्या राज़ बताती है – 

• अगर होलिका दहन से निकलने वाली धुआं सीधा आकाश की ओर जाने लग जाए तो समझ जाइए कि यह बदलाव का सूचक है। यह संकेत दे रहा है कि जिस व्यक्ति और शासक का वर्चस्व समाज और राजनीति में है उसकी सत्ता अब जाने वाली है और नई सत्ता और नई सरकार आने वाली है।

• वहीं, होलिका दहन के समय हवा अगर उत्तर की ओर से चलने लगे तो यह बहुत ही शुभ माना जाता है। बता दें कि उत्तर दिशा कुबेर की दिशा मानी जाती है और तो और इसे धन की दिशा भी कहा गया है। ऐसी मान्यता है कि होलिका दहन का धुंआ अगर उत्तर की ओर दिखें तो यह शुभ संकेत होगा। इससे पूरे साल आर्थिक क्षेत्र में उन्नति होगी व साथ ही धन और सुख बढ़ेगा।

• यही नहीं, अगर होलिका दहन के समय दक्षिण दिशा की हवा चले तो यह बहुत अपशकुन माना जाता है। कहते हैं कि इससे फसलों को नुकसान पहुंचेगा और मंहगाई भी बढ़ेगी व राज्य की सत्ता भंग हो जाएगी। जन विद्रोह की भी संभवना बनी रहेगी।

• शास्त्रों के अनुसार होलिका दहन के समय हवा अगर पूर्व दिशा से चले यानी कि पुरवाई चले तो यह बड़ा ही अच्छा शगुन माना जाता है। पूर्व दिशा को देवताओं की दिशा माना जाता है और इसलिए ऐसी हवा चलने से साल भर खुशहाली भरी रहेगी। राजा प्रजा सभी के लिए साल सुखद साबित होगा।

• याद रखें कि होलिका दहन सिर्फ एक परंपरा नहीं है बल्कि होलिका आने वाले समय की भविष्यवाणी भी मानी जाती है। होलिका की अग्नि को अगर आप गौर से देखें तो अगला एक साल आपके और आपके समाज के लिए कैसा रहेगा आप यह खुद आसानी से जान सकते हैं।

• बताते चलें कि पश्चिम दिशा से होलिका दहन के समय हवा चलने लगे तो यह भी अच्छा शगुन नहीं माना जाता है और इसकी वजह यह है कि इससे कृषि की हानि होती है और बेकार खर पतवार की वृद्घि का योग भी माना जाता है।

दोस्तों हम आशा करते हैं कि वेद संसार द्वारा बताए गए होलिका दहन से जुड़ी यह खास बातें आपको काफी रास आए होंगे और इस होलिका दहन पर आप बस धुंए को देख आने वाले भविष्य का पता लगा लेंगे।

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