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धनु खरमास क्यों माना जाता है अशुभ, रखें इन बातों का ध्यान

क्या आप जानते हैं कि सूर्य का किसी राशि में प्रवेश होना संक्रांति कहलाता है और जब सूर्य धनु राशि में प्रवेश करता है, तो इसे ही धनु संक्रांति कहा जाता है। बता दें कि धनु राशि बृहस्पति की आग्नेय राशी मानी जाती है और इसमें सूर्य का प्रवेश विशेष फल प्रदान करता है।

धनु खरमास क्यों माना जाता है अशुभ

धनु खरमास में बीमारियां और रोग बढ़ जाते हैं व साथ ही लोगों के मन में खूब सारी चंचलता आ जाती है। बता दें कि इस धनु खरमास के वक्त ज्योतिषीय कारणों से सभी शुभ कार्य वर्जित हो जाते हैं जैसे कि शादी, गृह प्रवेश या नया व्यवसाय का उद्घाटन आदि।

धनु खरमास में विवाह क्यों होती वर्जित –

• हम सभी जानते है कि किसी भी विवाह का सबसे बड़ा उद्देश्य सुख और समृद्धि की प्राप्ति ही होती है।

• वहीं, धनु राशि को सम्पन्नता की राशि कहा जाता है और इस समय सूर्य धनु राशि में चला जाता हैं, जिसको सुख समृद्धि के लिए अच्छा नहीं माना जाता हैं।

• धनु खरमास में अगर आप विवाह करते हैं तो ना तो आपको भावनात्मक सुख की प्राप्ति होगी और ना ही शारीरिक सुख।

धनु खरमास के वक्त नए व्यवसाय की शुरुआत क्यों अशुभ –

• आपकी जानकारी के लिए बता दें कि धनु खरमास में शादी के साथ-साथ कोई भी नए व्यवसाय की शुरुआत करना भी अशुभ माना जाता है।  धनु खरमास में किसी व्यवसाय की शुरुआत करने से आपके जीवन में आर्थिक मुश्किलों का जन्म हो जाएगा और इस दौरान बिना चाहे खर्चें भी काफी बढ़ जाएंगे।

• याद रखें कि धनु खरमास में शुरु हुआ कोई भी व्यवसाय या जॉब बीच में ही रुक जाता है या किसी कारण से आपको छोड़ना पड़ सकता है।

• धनु खरमास में शुरुआत किए हुए व्यवसाय में आपको कर्ज का सामना भी करना पड़ सकता है।

धनु खरमास पर नए मकान का निर्माण क्यों होता है वर्जित –

 

• जान लें कि संपत्ति बनाने का उद्देश्य संपत्ति का सुख पूर्वक उपभोग करना होता है, लेकिन अगर धनु खरमास के समय में आप मकान का निर्माण करते हैं तो उसका सुख मिल पाना काफी कठिन हो जाएगा।

• धनु खरमास पर अगर आप मकान का निर्माण करते हैं तो कभी-कभी दुर्घटनाओं की सम्भावनाएं भी बढ़ जाती हैं।

• वहीं, धनु खरमास में बनाए गए मकान आमतौर पर बहुत कमजोर होते हैं और उनसे निवास का सुख नहीं मिल पाता है।

धनु खरमास में कौन से कार्य कर सकते हैं आप –

• जान लें कि अगर आप प्रेम विवाह करने वाले हैं या फिर स्वयंवर रचाने वाले हैं तो यह धनु खरमास में करना शुभ माना जाएगा।

• वहीं, अगर कुंडली में बृहस्पति धनु राशि में हो, तो भी आप धनु खरमास में आप शुभ कार्य कर सकते हैं।

• याद रखें कि जो भी कार्य आप नियमित रूप से कर रहे हैं उनको करने में भी खरमास का कोई बंधन या दबाव नहीं होता है।

• बताते चलें कि सीमान्त, जातकर्म और अन्नप्राशन आदि कर्म पूर्व निश्चित होने से धनु खरमास में आप कर सकते हैं।

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