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भौम प्रदोष व्रत क्या है, जानें भगवान शिव और हनुमान की पूजा विधि

भौम प्रदोष व्रत क्या है, भगवान शिव और हनुमान की पूजा विधि

क्या आपको भौम का अर्थ मालुम है… अगर नहीं तो चलिए हम बता देते हैं… दरअसल, भौम का अर्थ होता है मंगल और प्रदोष का अर्थ है त्रयोदशी तिथि। वहीं, मंगलवार यानि कि त्रयोदशी तिथि हो जाने से इसको भौम प्रदोष का नाम दिया गया है। इस खास दिन भगवान शिव और हनुमान दोनों की पूजा खासकर के की जाती है।

बता दें कि इस शुभ दिन भगवान शिव की उपासना करने से हर दोष का नाश होता है और साथ ही हनुमान जी की भी पूजा व अराधना करने से सारी शत्रु बाधा शांत हो जाती है और आपको कर्ज से छुटकारा मिल जाता है।

भौम प्रदोष व्रत का महत्व –

भौम प्रदोष व्रत के खास दिन उपवास करने से गोदान का फल मिलता है और आपको उत्तम लोक की प्राप्ति भी होती है। वहीं, भौम प्रदोष के दिन हनुमान जी की उपासना भी साथ करने से हर तरह के कर्ज से मुक्ति मिल जाती है।

भौम प्रदोष व्रत की 7 पूजा विधि –

भौम प्रदोष व्रत की 7 पूजा विधि

• सबसे पहले सुबह उठकर पूजा का संकल्प लें।

• अब आप ईशान कोण में भगवान शिव की सच्चे मन से स्थापना भी करें।

• भगवान शिव को पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य ज़रूर अर्पित करें।

• कुश के आसन पर बैठकर भगवान शिव के मन्त्रों का जाप याद से करें।

• यही नहीं, इसके बाद अपनी सारी समस्याओं के अंत होने की प्रार्थना करें।

• निर्धनों को भोजन भी अवश्य से कराएं।

• जान लें कि अगर यह पूजा प्रदोष काल में आप करेंगे तो आपको और भी उत्तम फल की प्राप्ति होगी।

मंगल दोष की समस्या से मुक्ति के खास 4 उपाय –

मंगल दोष की समस्या से मुक्ति के खास 4 उपाय -

• भौम प्रदोष के दिन खासकर के शाम के वक्त हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक याद से जलाएं और उन्हें हलवा-पूरी का भोग भी लगाएं।

• भाव सहित सुन्दरकाण्ड का पाठ भी याद से करें।

• यही नहीं, मंगल दोष की समाप्ति की प्रार्थना करें।

• अब जो आपने हलवा-पूरी का प्रसाद का भोग लगाया था उसे निर्धनों व गरीब लोगों में बांट दें। बता दें कि ऐसा करने से आपको मंगल दोष की पीड़ा से छुटकारा ज़रूर मिलेगा।

असाध्य रोगों से मुक्ति के लिए करें यह 6 उपाय –

• रोजाना सुबह लाल कपड़ा पहनकर हनुमान जी की उपासना करें।

• वहीं, हनुमान जी को लाल फूलों की माला चढ़ाएं, उनके सामने दीपक जलायें और याद से गुड़ का भोग लगायें।

• अब ताम्बे का तिकोना टुकड़ा भी ज़रूर से अर्पित करें।

• यही नहीं, इसके बाद संकटमोचन हनुमानाष्टक का 11 बार पाठ भी अवश्य करें।

• गुड़ का भोग याद से बांटें और ग्रहण भी करें।

• तांबे के तिकोने टुकड़े को गले में आप धारण कर लें या फिर अपने पास ही रख लें।

कर्ज मुक्ति के लिए करें यह 3 उपाय –

• अगर आप कर्ज से मुक्ति पाना चाहते हैं तो प्रयोग भौम प्रदोष की रात्रि को करें।

• वहीं, रात के समय हनुमान जी के समक्ष घी का दीपक भी जलायें। ध्यान रहें कि इस दीपक में नौ बातियां ज़रूर लगी हो और हर बाती जलाएं।

• इसके बाद हनुमान जी को अपनी उम्र अनुसार लड्डू अर्पित करें और “हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट” का 11 माला जाप करें व सारे लड्डू बांट दें।

मंगल सम्बन्धी अन्य समस्याओं के लिए अपनाए यह 5 उपाय 

• सूर्यास्त हो जाने के बाद हनुमान जी के मंदिर जाना ना भूलें।

• हनुमान जी का अच्छे से सम्पूर्ण श्रृंगार करवाएं।

• इस बात का खास ध्यान रखें कि चांदी के वर्क का श्रृंगार में प्रयोग ना हो।

• वहीं, श्रृंगार के बाद हनुमान चालीसा याद से पढ़ें और आरती भी करें।

• साथ ही निर्धनों को यथाशक्ति भोजन कराएं।

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