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बसंत पंचमी क्या है, जानें पूजा विधि और भूलकर भी ना करें यह 6 काम !

हर साल माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को वसंत पंचमी के रूप में मनाया जाता है। बता दें कि इस दिन विद्या की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। ऐसी मान्यता है कि इसी खास दिन शब्दों की शक्ति मनुष्य की झोली में आई थी और इसलिए इस दिन ही बच्चों को पहला अक्षर लिखना सिखाया जाता है। यही नहीं,

इस दिन पितृ तर्पण किया जाता है और कामदेव की पूजा भी की जाती है।

सरस्वती पूजा को लेकर आपको हर कोई बहुत ज्ञान देता होगा कि ये करों… वो करों… लेकिन आज वेद संसार आपको कुछ हटकर ज्ञान देने जा रहा है कि सरस्वती पूजा के दिन क्या नहीं करना चाहिए। आइए जानते हैं इस दिन कौन से 6 काम भूलकर भी नहीं करना चाहिए –

• लाल और काले रंग से रहे दूर

बसंत पंचमी के दिन काले और लाल रंग के वस्त्र बिल्कुल भी नहीं पहनना चाहिए। बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजी होती है इसलिए पीले, सफेद या धानी रंग के वस्त्र ही आपके लिए धारण करना बहुत शुभ माना जाता है।

• फसल या पेड़-पौधों की कटाई-छटाई ना करें

बता दें कि बसंत पंचमी प्रकृति का त्योहार है और हरियाली के उत्सव के रूप में इस दिन को मनाया जाता है, इसलिए याद रखें कि फसल काटने के काम को इस दिन टाल देना चाहिए व साथ ही घर में भी किसी भी पेड़ की छंटाई भी नहीं करनी चाहिए। कोशिश करें कि इस दिन आप वृक्षारोपण करें।

• बुरा व कड़वी बातें ना बोलें

याद रहें कि सरस्वती पूजा के दिन किसी को भी अनाप-शनाप बोलने से बचना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि इस दिन मां सरस्वती हर किसी के जुबान पर होती हैं और इसलिए अपनी वाणी पर संयम रखना बहुत ज़रूरी है और गुस्सा भी करने से बचें। ना किसी को बुरा बोलें और सबके साथ मधुरता का व्यवहार भी करें। यही नहीं, खुद के लिए भी कुछ बुरा या कोसने वाली बातें ना कहें, क्योंकि वह कभी भी सच साबित हो सकता है। अच्छा यही होगा आपके लिए कि हमेशा शुभ बोले और शुभ बाते ही सोचें।

• घर में कलह करने से बचें

क्या आप जानते हैं कि इस दिन पितृ तर्पण भी किया जाता है और इसलिए घर में भूलकर भी कलह नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इससे पितरों को कष्ट होता है।

• बिना नहाए ना खाएं

सरस्वती पूजा के खास दिन गलती से भी बिना नहाए-धोए भोजन ग्रहण ना करें। सबसे पहले सरस्वती वंदना करें और मां सरस्वती को भोग लगाएं।

• मांस-मच्छी व शराब का सेवन ना करें

याद से वसंत पंचमी के दिन मांसाहार और शराब का सेवन बिल्कुल भी ना करें। केवल सात्विक भोजन करें और हमेशा खुश रहें। हो सके तो बसंत पंचमी के दिन खीर जरूर बनायें और खाएं व घर को सुगन्धित भी बनाये रखें।

मां सरस्वती की ऐसे करें पूजा, हर मनोकामना हो जाएगी पूरी –

मां सरस्वती की ऐसे करें पूजा, हर मनोकामना हो जाएगी पूरी

• माता सरस्वती की पूजा अगर आप करने जा रहे हैं, तो सबसे पहले सरस्वती माता की प्रतिमा अथवा उनकी तस्वीर को सामने रख दें। अब इसके बाद कलश स्थापित ज़रूर करें और फिर गणेश जी तथा नवग्रह की पूजा पूरे विधिवत् रूप के साथ करें और फिर माता सरस्वती की पूजा करें।

• माता सरस्वती की पूजा करते समय उन्हें सबसे पहले आचमन और स्नान अच्छे से कराएं। इसके बाद माता को फूल, माला भी चढ़ाएं। ध्यान रहें कि सरस्वती माता को सिन्दूर, अन्य श्रृंगार की वस्तुएं भी अर्पित ज़रूर करनी चाहिए। बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती के चरणों पर गुलाल भी अर्पित करें।

• देवी सरस्वती श्वेत वस्त्र धारण करती हैं, इसलिए उन्हें श्वेत वस्त्र ही पहनाएं। सरस्वती पूजन के अवसर पर माता सरस्वती को पीले रंग का फल भी याद से चढ़ाएं। आप चाहे तो प्रसाद के रूप में मौसमी फलों के अलावा बूंदियां भी अर्पित कर सकते हैं। यही नहीं, इस दिन सरस्वती माता को मालपुए और खीर का भी

भोग लगाना बहुत शुभ माना जाता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शुक्ल पंचमी के खास दिन सरस्वती की पूजा के बाद षष्ठी तिथि को सुबह माता सरस्वती की पूजा कर लेने के बाद उनका विसर्जन कर देना चाहिए… संध्या काल में मूर्ति को प्रणाम करके जल में प्रवाहित कर देना ही उचित माना जाता है।

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