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वैशाख पूर्णिमा का महत्व – करें यह 3 उपाय

विस्तार में जाने वैशाख पूर्णिमा का महत्व और हमे इस रात क्या उपाय करने चाहिए, vaishakh purnima importance in hindi and upay for this day.

वैशाख मास की पूर्णिमा का अपना एक अलग ही महत्व है। शास्त्रों की मानें तो पूर्णिमा पर पवित्र नदी में स्नान करने पर अक्षय पुण्य मिलता है और पुराने पापों का असर भी कम होता है।

वैशाख पूर्णिमा का महत्व – करें यह 3 उपाय

• पहले उपाय में आप पूर्णिमा की रात में अपने घर में महालक्ष्मी के साथ साथ भगवान विष्णु की भी पूजा अवश्य करें। बता दें कि यह पूजा अगर आप किसी ब्राह्मण से करवाएंगे तो ज्यादा बेहतर रहेगा।
• वहीं दूसरे उपाय में अपने घर के करीब स्थित मंदिर में शिवलिंग के पास दीपक याद से जलाएं और साथ ही ऊं रूद्राय नम: मंत्र का जप भी करें।
• तीसरे उपाय में आप भगवान हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं और हनुमान चालीसा का पाठ भी अवश्य करें।

यहां जानें: 297 साल बाद बना वैशाख मास का यह दुर्लभ योग

यह शायद बहुत कम लोग जानते हैं कि 297 साल बाद इस वैशाख पूर्णिमा पर बुधादित्य योग का महासंयोग बन रहा है। यही नहीं, साथ ही गुरु-मंगल के नवम पंचम, गुरु-शुक्र का समसप्तक योग एवं शनि-मंगल का षड़ाष्टक योग भी इसी दिन बन रहा है। बता दें कि इसके पहले ऐसा संयोग 22 अप्रैल 1720 की वैशाख पूर्णिमा पर बने थे।

यहां जानें किन कामों के लिए खास है यह योग –

वैशाख पूर्णिमा पर सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में होने से पवित्र नदी में स्नान, ब्राह्मण को दान, पितरों के निमित्त पूजन, घट दान, यम के निमित्त लोहे की वस्तु, वस्त्र भूमि आदि दान-पूजन का कई गुना अधिक फल मिलेगा।

किस योग का क्या है असर –

गुरु-मंगल के नवम पंचम योग व्यापार में वृद्धि कराएंगे। वहीं, गुरु शुक्र के सम सप्तक योग ऋतु परिवर्तन, तपिश में वृद्धि व आने वाले समय में बारिश के लिए श्रेष्ठ रहेगा। शनि मंगल के षड़ाष्टक योग से देश में सैन्य, न्याय एवं पुलिस प्रशासन के सामने विपरीत परिस्थितियों की चुनौतियां बनेगी। साथ ही साथ गुरु-शनि का वक्रत्व काल धान्य में मंदी का योग बनाएगा।

वहीं धर्म ग्रंथों में वैशाख को सबसे श्रेष्ठ मास बताया गया है। इस समय भीषण गर्मी होती है। वैशाख पूर्णिमा पर यदि कुछ ऐसे उपाय किए जाएं जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिले तो पुण्य में वृद्धि होती है व ब्रह्मा, विष्णु व शिव तीनों देवता प्रसन्न भी होते हैं।

यहां है उपाय –

  • मेष राशि : लोगों को पानी पीने के लिए प्याऊ लगवाने की कोशिश करें और साथ ही ज़रूरतमंदों को मटका भी दान करें।
  • वृष्भ राशि : जरूरतमंदों को चप्पल और जूते का दान ज़रूर करें।
  • मिथुन राशि : गरीबों को सीजनल फ्रूट का दान करें। जैसे कि तरबूज, आम आदि…
  • कर्क राशि : इस राशि के लोगों को छाता दान करने में भलाई है। इससे भगवान ज़रूर प्रसन्न होंगे।
  • सिंह राशि : गरीबों को सत्तू का दान करें। आप चाहे तो साबूत अननाज का भी दान कर सकते हैं।
  • कन्या राशि : अनाथ आश्रम या बाल आश्रम में आप पंखा, कूलर दान ज़रूर करें।
  • तुला राशि : इस राशि के लोगों को पेड़ लगाना चाहिए ताकि इससे लोगों को राहत मिलेगी।
  • वृश्चिक राशि : ऐसे लोगों को मटके के ऊपर खरबूज या तरबूज रखकर ब्राह्मण को दान करने में भलाई है।
  • धनु राशि : श्रद्धालुओं के लिए कोशिश करें कि मंदिर के बाहर ही ठंडे पानी की व्यवस्था करें।
  • मकर राशि : पशुओं और पक्षियों के लिए पानी का इंतजाम करने से भी भगवान प्रसन्न होते हैं।
  • कुंभ राशि : जितना हो सके उतने ज़रूरतमंदों को सूती वस्त्रों का दान ज़रूर करें।
  • मीन राशि : इस राशि के लोग अपने आस-पास के तीर्थ यात्रियों के लिए भोजन व पानी का प्रबंध ज़रूर करें।

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