धर्म ज्ञान

रुद्राक्ष के अलावा जानें तुलसी, चंदन व हल्दी के माला से जाप करने का महत्व!

तुलसी, चंदन व हल्दी के माला से जाप करने का महत्व

भारत एक ऐसा देश है जहां आस्था और विश्वास का महत्व है औऱ लोग ईश्वर पर भी विश्वास करते हैं और साथ ही माला जप की भी।

प्राचीन काल की बात करें तो कई महान और प्रसिद्ध ऋषि-मुनि ने माला जप के माध्यम से तमाम तरह की सिद्धियां प्राप्त की थी। वहीं, सनातन परंपरा में तो 108 मनके की माला से जप करने का विधान है। प्रत्येक देवता के लिए जहां अलग-अलग माला से जप का विधान है, और तो और ग्रहों ओर देवता के अनुसार अलग-अलग मालाएं धारण करने का भी अपना महत्व है।

दूसरी ओर मसलन शैव परंपरा को मानने वाले जहां भगवान शिव को समर्पित रुद्राक्ष की माला पहनते हैं तो वहीं, वैष्णव परंपरा को मानने वाले तुलसी की माला विशेष रूप से धारण करते हैं। प्रत्येक साधक अपने अराध्य देवी-देवता के अनुसार ही माला को धारण करता और उससे मिलने वाले फल का लाभ उठाता है।

आज वेद संसार आपको विस्तार में बताने जा रहा है कि रुद्राक्ष के अलावा आखिर क्या है तुलसी, चंदन व हल्दी के माला से जाप करने का महत्व – 

• रुद्राक्ष की माला

शैव परंपरा को मानने वाले साधक यायूं कहे कि लोग भगवान शिव को खुश करने के लिए विशेष रूप से रुद्राक्ष की माला का प्रयोग किया करते हैं। बता दें कि रुद्राक्ष एक फल की गुठली है, जिसकी उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं से ही मानी जाती है। वहीं, शिव साधकों का विश्वास है कि इस माला में संसार के सारे दु:खों को दूर करने की ताकत मौजूद है। शायद यही कारण है कि शिव की साधना में रुद्राक्ष की माला को मंत्र जाप के लिए विशेष रूप से प्रयोग किया जाता है।

• तुलसी की माला

वहीं, सनातन परंपरा की बातें करें तो इसमें तुलसी के पौधे को बहुत पवित्र माना जाता है। वैष्णव परंपरा के साधक इसकी पत्तियों का प्रयोग ना सिर्फ भगवान के प्रसाद के लिए बल्कि इसकी लकड़ी से बनी माला का जाप के लिए भी विशेष रूप से इस्तेमाल करते हैं। ऐसी मान्यता है कि तुलसी की माला धारण करने से भगवान विष्णु और कृष्ण दोनों की ही कृपा प्राप्त होती है और इससे जप करने पर साधक के यश और कीर्ति में भी वृद्धि होती है।

• हल्दी की माला

हमारे हिंदू धर्म में किसी भी पूजा, शुभ कार्य आदि में हल्दी का विशेष रूप से प्रयोग किया जाता है। यही नहीं, भोजन में भी प्रयोग लाई जाने वाली हल्दी सेहत से ही नहीं सौभाग्य से भी जुड़ी हुई मानी जाती है। कहते हैं कि जो लोग भगवान श्री गणेश और देवगुरु बृहस्पति को जल्दी प्रसन्न करना चाहते हैं उन्हें हल्दी की माला से जाप ज़रूर करना चाहिए। और तो और संतान एवं ज्ञान की प्राप्ति के लिए भी इस माला से विशेष रूप से जाप किया जाता है। लोगों की मानें तो हल्दी की माला से मां बगलामुखी का जाप करने से उनकी कृपा शीघ्र प्राप्त होती है।

• चंदन की माला

बात अगर चंदन की माला की करें तो देवी-देवताओं के तिलक के लिए विशेष रूप से प्रयोग में लाए जाने वाले चंदन जिसकी तासीर ठंडी होती है यह मन और तन दोनों को शीतलता प्रदान करता है और दैवीय कृपा भी दिलाता है। इसी खास चंदन की माला का वैष्णव परंपरा में साधना के दौरान मंत्र जप में विशेष रूप से प्रयोग किया जाता है। जैसे शक्ति की साधना में लाल चंदन की माला से तो वहीं भगवान कृष्ण के मंत्र का जप सफेद चंदन की माला से किया जाना बहुत शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस माला के मंत्र जप से मनोकामना बहुत जल्दी ही पूरी हो जाती है।

• स्फटिक की माला

इस खास माला के बारे में बहुत कम लोग ही जानते होंगे। दरअसल, कांच की तरह दिखने वाला यह स्फटिक की माला से मंत्र जप किया जाता है। कहते हैं कि इस माला को धारण करने वाले व्यक्ति का मन हमेशा शांत रहता है। इस माला के शुभ प्रभाव से इसांन के पास नकारात्मक शक्ति नहीं आ पाती है। और तो और इस माला को धारण करने वाला व्यक्ति हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करता है। बता दें कि मां सरस्वती की साधना-आराधना में स्फटिक माला का विशेष रूप से प्रयोग होता है। याद रहे कि स्फटिक की माला धन और मन दोनों तरह की ही ताकत प्रदान करने में सक्षम है।

• वैजयंती की माला

अब वैष्णव परंपरा की बात करें तो वह लोग अपने इष्टदेव की साधना में वैजयंती माला का विशेष प्रयोग किया करते हैं। कहते हैं कि भगवान कृष्ण को यह माला बहुत ही प्रिय थी और भगवान कृष्ण की कृपा पाने के लिए वैष्णव भक्त इस माला को विशेष रूप से धारण किया करते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वैजयंती की माला से मंत्र जप करने से भगवान विष्णु शीघ्र बहुत जल्द खुश हो जाते हैं और अपने सारे भक्तों की मनोकामनाएं पूरी कर देते हैं। यही नहीं, इस खास माला को धारण करने से शत्रु भी मित्र की तरह व्यवहार करने लग जाते हैं। याद रखें कि इस माला को पहनने से और साथ ही प्रभु श्री नारायण का जाप करने पर आत्मविश्वास में वृद्धि तो होती ही है और आपको सभी कार्यों में सफलता भी मिलती है।

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