धर्म ज्ञान

शिवलिंग पर भूलकर भी ना चढ़ाए तुलसी, हल्दी व कुमकुम

विस्तार में जाने शिवलिंग पर क्या न चढ़ाएं और घर में शिवलिंग को कहां स्थापित करें, shivling par kabhi na chadayen tusli, haldi aur kumkum.

इन दिनों लोग अपना घर बनवाने से पहले एक कमरा पूजा का अलग से ही डिज़ाइन करवा लेते हैं। अपने पूरे घर के कमरों की तरह वह पूजा घर भी बहुत सुंदर से सजाते हैं। पूजा घर में हर देवी-देवताओं की मुर्ति को बैठाते हैं और साथ ही शिवलिंग को भी।
शिवलिंग को घर में लोग स्थापित तो कर लेते हैं लेकिन उसका सही तरीका हर किसी को शायद मालुम नहीं। शिवलिंग की पूजा-अर्चना कर भगवान शिव को खुश करना बहुत आसान है लेकिन अगर भूलकर भी आप शिवलिंग पर कुछ ऐसी चीज़ें चढ़ा देते हैं तो भगवान शिव आपसे काफी नाराज़ भी हो जा सकते हैं।
ऐसा क्या करें कि भोले भगवान को गुस्सा कभी नहीं आए, उसके लिए नीचे पढ़ें ध्यान से –
• पूजा घर में ही करें शिवलिंग को स्थापित – कुछ लोग अपने घर का इंटिरियर डेकोरेश्न को लेकर शिवलिंग को जहां मन चाहे वहां स्थापित करवा देते हैं जो कि बिल्कुल गलत बात है। शिवलिंग को ऐसे ही जगह स्थापित करें जहां उसकी पूजा आप कर सकें।
• तुलसी पर रोक – शिवलिंग की पूजा पर कभी तुलसी के पत्तियों का प्रयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि इसके पीछे एक शिव पुराण में लिखी एक कहानी है। एक बार जालंधर नाम का दैत्य को यह वरदान प्राप्त था कि जब तक उसकी पत्नी वृंदा पतिव्रता रहेगी उसको युद्ध में कोई भी नहीं हरा सकता। दैत्य के अत्याचारों को पूरी दुनिया से खत्म करने के लिए भगवान विष्णु ने व़ंदा का पतिव्रता होने का संकल्प भंग किया, वहीं जूसरी ओर महादेव ने जालंधर का वध कर दिया। इसके बाद से ही वृंदा पौधा तुलसी में बदल गई थी और इसी के साथ व़ंदा यानि कि तुलसी ने अपने पत्तियों का महादेव की पूजा में शामिल होने से मना कर दिया।
• हल्दी पर रोक – महिलाएं हल्दी का उपयोग अपनी सुंदरता को बढ़ाने के लिए करती है वहीं शिवलिंग महादेव शिव का प्रतिक है। यही वजह है कि हल्दी का प्रयोग शिवलिंग पर नहीं करना चाहिए।
• कुमकुम पर रोक – हिंदू रिती-रिवाजों की मानें तो कुमकुम का प्रयोग हर महिला अपने पति की लंबी आयु के लिए करती है जबकि भगवान शिव विध्वंसक की भूमिका निभाते हैं। यही कारण है कि शिवलिंग पर कुमकुम नहीं चढ़ाना चाहिए।
• पैकट का दूध ना चढ़ाएं – शिवलिंग पर भूलकर भी बाजार में मिलने वाला पैकेट वाला दूध ना चढ़ाएं। बता दें कि शिव को चढ़ने वाला दूध ठंडा और साफ होना चाहिए।

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