धर्म ज्ञान

शमी वृक्ष कैसे है लाभकारी, जानें इसका धार्मिक महत्व!

शमी वृक्ष कैसे है लाभकारी, जानें इसका धार्मिक महत्व

यह बहुत कम लोग जानते हैं कि हर वृक्ष और हर पौधा विशेष गुणों से संपन्न होता है। पौधे की आकृति, रंग, सुगंध, फल और फूल अलग-अलग प्रभावों के कारण अलग-अलग ग्रहों से सम्बन्ध रखा करती है। वहीं अगर आप ग्रहों से सम्बंधित पौधे को घर में लगाकर उनका ध्यान रखें व साथ ही पूजा और उपासना भी करें, तो आपको विशेष लाभ की प्राप्ति हो सकती है।

आज वेद संसार ऐसे ही एक खास पौधे जो ग्रह शनि से सम्बन्ध रखता है…उसके बारे में बताने जा रहा है। अब आप सोच में पड़ गए होंगे कि भला इस खास पौधे का क्या नाम है… तो चलिए बता देते हैं कि इस पौधे का नाम शमी है। जान लें कि शनि की कृपा प्राप्त करने के लिए और उसकी पीड़ा से मुक्ति के लिए शमी के पौधे का विशेष प्रयोग होता है।

शमी का संबंध शनि से कैसे और क्यों है

ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने लंका पर आक्रमण करने से पहले इस खास पौधे की ही पूजा की थी। वहीं, पांडवों ने अज्ञातवास में अपने सारे अस्त्र-शस्त्र इसी वृक्ष में छुपाकर रखें थे, इसलिए भी इस पौधे को अद्भुत शक्ति का प्रतीक माना जाता है। दिलचस्प बात यह है कि शमी का पौधा किसी भी स्थिति में जीवित रह सकता है क्योंकि अत्यंत शुष्क स्थितियां भी इसको नुकसान नहीं पहुंचा सकती है। बता दें कि इसके अंदर छोटे-छोटे कांटे भी पाए जाते हैं, ताकि यह हमेशा सुरक्षित रहे और इसके कठोर गुणों और शांत स्वभाव के कारण ही इसका संबंध शनि देव से जोड़ा जाता है।

शमी की स्थापना व पूजा विधि

अगर आप अपने घर में शमी का पौधा लगाना ही चाहते हैं, तो इसे विजयादशमी को ही लगाएं, क्योंकि यह दिन सबसे उत्तम माना जाता है। विजयादशमी तक अगर आप इंज़ार नहीं करना चाहते हैं, तो आप शमी का पौधा शनिवार के दिन भी लगा सकते हैं। आप इसे गमले में या फिर भूमि पर घर के मुख्य द्वार के निकट लगा सकते हैं। ध्यान रहें कि यह पौधा भूलकर भी घर के अंदर ना लगाएं।

रोजाना सुबह स्नान कर के शमी के पौधे में जल डालें और कोशिश करें यह कि यह पौधा कभी सूखने ना पाएं।

शमी के पौधे की पूजा विधि व उपासना के नियम

अगर आप अपने घर में शमी के पौधे को लगाए हुए हैं तो हर हर शनिवार शमी के पेड़ या पौधे के नीचे दीपक ज़रूर जलाएं। याद रखें कि जो दीपक आप जला रहे हो वह सरसों के तेल का ही हो। बता दें कि रोजाना इसकी उपासना करने से शनि की हर प्रकार की पीड़ा का नाश हो जाएगा। जान लें कि शमी के पत्ते जितना ज्यादा घने होंगे उतनी ही घर में धन-संपत्ति और समृद्धि बनी रहेगी

शनि देव के कारण स्वास्थ्य या दुर्घटना की समस्या बनी हुई है, तो शमी की लकड़ी को काले धागे में लपेट लें और उसे धारण कर लें। बताते चलें कि शनि की शान्ति के लिए शमी की लकड़ी पर काले तिल से हवन ज़रूर करें।

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