धर्म ज्ञान

पूजा के बाद माफी मांगने के लाभ

हर घर में छोटा सा ही सही पर मंदिर ज़रूर होता है… जहां घर के लोग शांत मन से भगवान को याद करते हैं और उनको प्रसन्न करने के लिए पूजा व अर्चना किया करते हैं।

क्या आप जानते हैं कि भगवान की पूजा करने का विशेष महत्व होता है??? जी हां, नित्य नियम से पूजा करने से हमें आंतरिक शक्ति तो मिलती ही है व साथ ही हमारा मन भी हमेशा शांत बना रहता है।

वहीं, धार्मिक मान्यताओं और शास्त्रों के अनुसार जिन बातों का वर्णन है… उन नियमों से हम पूजा-पाठ करने की कोशिश तो अवश्य करते हैं… लेकिन कई बार हमसे भूले से ही सही पर कोई न कोई गलती हो ही जाती है, इसलिए हिंदू धर्म में पूजा के बाद क्षमा मांगने का नियम होता है।

आज वेद संसार आपको बताने जा रहा है कि आखीर पूजा के बाद क्षमा मांगना क्यों होता है ज़रूरी… और किस मंत्र को पढ़कर आप भगवान से अपने भूल की  माफी मांग सकते हैं…

हिंदू धर्म में क्षमा याचना के यह खास मंत्र… यहां जानें –

आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्।
पूजां चैव न जानामि क्षमस्व परमेश्वर॥
मंत्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं जनार्दन।
यत्पूजितं मया देव! परिपूर्ण तदस्तु मे॥

इस मंत्र का अर्थ है – भगवान मैं आपको बुलाना भी नही जानता और विदा करना भी नहीं। मुझे पूजा और पाठ करना भी नहीं आता है। मुझसे जो भी गलतियां हुई हैं उनके लिए मुझे क्षमा करें। मुझे ना तो पूजा करने की प्रक्रिया पता है और न ही मुझे मंत्र याद हैं। मेरी पूजा ज़रूर स्वीकार करें।

दोस्तों, अगर आप मंत्र जाप नहीं कर सकते हैं तो आप बिना मंत्र जाप के भी भगवान से क्षमा याचना कर सकते हैं। याद रखें कि गलत मंत्र पढ़ने से लाख गुणा अच्छा यही होगा कि आप बस दिल से अपने द्वारा हुए भूल की माफी मांग लें… भगवान सच्चे भक्त की आस्था देखते हैं ना कि भूल…

क्षमा मांगने के क्या हैं लाभ –

सबसे पहले जान लें कि क्षमा मांगने से हमारे अंदर किसी भी तरह की अंहकार की भावना नहीं आती है… और तो और खुद को हमेशा हम दूसरों से छोटा ही सोचते हैं… क्रोध व ईष्या की सोच भी हमसे कोसो दूर रहा करती है और हमारे अंदर एक पवित्र आत्मा निवास करती है।

पूजा के बाद माफी मांगने की परंपरा का क्या है संदेश –

भगवान से क्षमा मांगने की यह परंपरा हमें यह संदेश देती है कि व्यक्ति को अपनी गलतियों के लिए तुरंत क्षमा मांग लेनी चाहिए। आप अगर नोटिस करें तो हमारे निजी जीवन में भी यह साफ देखने को मिलते हैं कि जब हमसे कोई भूल हो जाती है और हम अपनी गलती की माफी पहले मांग लेते हैं तो सामने वाला इंसान ज्यादा गुस्सा नहीं होता है और वहीं, जब कभी हमारी गलती के बारे में उसे किसी और से या फिर देरी से पता चलती है तो हमारी सज़ा बड़ी हो जाती है जिससे तकलीफ हमें ही होती है।

दोस्तों, हम आशा करते हैं कि वेद संसार द्वारा बताए गए इन प्रमुख बातों को आप हमेशा याद रखेंगे और अपनी जीवन में अमल भी करेंगे।

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