धर्म ज्ञान

काली पूजा का महत्व, बरतें यह 5 सावधानियां

मां काली का नाम सुनते ही सबसे पहले जो छवि दिमाग में बनती है, वह है शक्ति सम्प्रदाय की सबसे प्रमुख देवी। जी हां, जिस तरह संहार के अधिपति भगवान शिव को कहा जाता है ठिक उसी प्रकार संहार की अधिष्ठात्री देवी मां काली को ही माना जाता हैं। मां काली के शक्ति के यूं तो कई स्वरूप हैं। वहीं, शुम्भ-निशुम्भ के वध के समय मां के शरीर से एक तेज पुंज बाहर निकल गया था… जिसके फलस्वरूप उनका रंग काला पड़ गया और तभी से उनको काली कहा जाने लगा।

काली पूजा का महत्व -ऐसी मान्यता है कि इनकी पूजा उपासना से भय, नाश, आरोग्य की प्राप्ति, स्वयं की रक्षा और शत्रुओं का नियंत्रण होता है। यही नहीं, इनकी उपासना से तंत्र मंत्र के सारे असर भी समाप्त हो जाते हैं। बता दें कि मां काली की पूजा का उपयुक्त समय रात्रि काल होती है। पाप ग्रहों, विशेषकर राहु और केतु शनि की शांति के लिए मां काली की उपासना बहुत अचूक होती है।

काली पूजा की विशेषता और सावधानियां

काली पूजा की विशेषता और सावधानियां

• मां काली की उपासना दो प्रकार से होती हैं – सामान्य पूजा और तंत्र पूजा।

• देखा जाए तो सामान्य पूजा कोई भी कर सकता है, लेकिन तंत्र पूजा बिना किसी गुरु के संरक्षण और निर्देश के नहीं की जा सकती है। याद रखें कि मां काली की उपासना का सबसे सही समय मध्य रात्रि यानी की आधी रात को माना जाता है।

• शुक्रवार के खास दिन पवित्र होकर हल्के लाल या गुलाबी कपड़े पहनकर माता के मंदिर में जाकर गुग्गल की धूप जलाएं और गुलाब के फूल भी चढ़ाएं। यही नहीं, माता की मूर्ति के पास बैठकर अपनी समस्याओं के खत्म करने की प्रार्थना भी करें।

• आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मां काली की उपासना में लाल और काली वस्तुओं का महत्व बहुत ही खास होता है, और इसलिए उन्हें अर्पित भी की जाती हैं।

• गौरतलब है कि मां काली की उपासना शत्रु और विरोधी को शांत करने के लिए करनी चाहिए ना कि किसी के नाश अथवा मृत्यु के लिए।

कुछ खास मुसिबतों से बचने के लिए ऐसे करें मां काली को प्रसन्न –

• मुकदमे या फिर कर्जे की समस्या है तो आपको पूरे नौ दिन देवी के सामने गुग्गुल की सुगंध की धूप पान के पत्ते पर रखकर जलाएं।

• वहीं, अगर आप अपने मन की इच्छा पूरी करना चाहते हैं, तो लगातार 7 दिन मां काली के सामने बैठकर दुर्गा सप्तशती का पाठ उच्च स्वर में ज़रूर करें।

• नौकरी-व्यापार और धन की समस्या को खत्म करने के लिए 11 या 21 शुक्रवार मां कालिका के मंदिर जाएं और लाल आसन पर बैठकर ॐ क्रीं नमः का जाप 108 बार करें।

दोस्तों, वेद संसार द्वारा बताए गए उपायों को ध्यान में रखकर पूरी श्रद्धा व सच्चे मन से मां काली की उपासना करें… आप देखेंगे कि आपकी सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाएंगी व साथ ही मां के प्रसन्न होते ही मां के आशीर्वाद से आपका जीवन बहुत ही सुखद हो जाएगा और नौकरी व्यापार और धन की समस्या भी तुरंत खत्म हो जाएगी।

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