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हवन और यज्ञ में क्या है अंतर ?

हमारे हिंदू धर्म में कई मान्यताएं प्रचलित है। जहां कुछ पूजा आदि को लेकर प्रसिद्ध हैं तो वहीं, कुछ परंपराओँ को लेकर भी प्रसिद्ध हैं। आज भी बहुत सी परंपराएं चली आ रही हैं लेकिन ऐसी बहुत सी बातें हैं जिनके बारे में लोगों को पूरी जानकारी नहीं है।

आज वेद संसार आपके सामने एक ऐसा ही खास विषय लेकर आया हैं जिसके बारे में बहुत कम लोग ही जानते होंगे। हम यहां बात कर रहे हैं, हिंदू धर्म में होने वाले यज्ञ और हवन की। हिंदू धर्म में ऐसे कई लोग मौजूद हैं जिन्हें इनके बीच का अंतर नहीं पता है। हालांकि बहुत से ऐसे लोग भी हैं जो यज्ञ और हवन को एक ही मानते हैं… आज हम आपको बताएंगे कि असल में हिंदू धर्म में होने वाला यज्ञ और हवन दोनों ही अलग-अलग होते हैं।

रामायण-महाभारत में है यज्ञ और हवन का उल्लेख –

हिंदू धर्म के इतिहास की ओर अगर आप नज़र डालेंगे तो जानेंगे कि मनोकामनाओं की पूर्ति और अनिष्ट को टालने के लिए यज्ञ कराए जाते थे। यही नहीं, रामायण और महाभारत में यज्ञ और हवन दोनों का उल्लेख काफी बार किया गया है। यज्ञ और हवन करवाने की एक खास परंपरा है जो आज भी जारी है और इसे आज भी उतना ही शुभ व फलदायी माना जाता है जितना कि पहले माना जाता था।

यज्ञ-हवन में क्या है अंतर –

• आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन सत्य यही है कि हमारे हिंदू मान्यताओं के अनुसार हवन, यज्ञ का ही एक छोटा सा रूप माना जाता है। बता दें कि पूजा के बाद अग्नि में दी जाने वाली आहुति को हवन कहा जाता है और वहीं अगर किसी खास उद्देश्य से देवता को दी गई आहुति को यज्ञ कहा जाता है।

• ऐसी मान्यता है कि यज्ञ में देवता, आहुति, वेद मंत्र, ऋत्विक और दक्षिणा काम का होना बहुत ज़रूरी होता है, जबकि हवन कुंड में अग्नि के माध्यम से देवता को हवि (भोजन) पहुंचाने की प्रक्रिया बहुत आवश्यक मानी जाती है।

• देखा जाए तो हिंदू धर्म में हवन शुद्धिकरण का एक कर्मकांड माना गया है, जबकि यज्ञ किसी खास लक्ष्य जैसे कि मनोकामना पूर्ति और किसी बहुत बड़े अनिष्ट को टालने के लिए किया जाता है।

• यही नहीं, हवन के द्वारा आसपास की बुरी आत्माओं के प्रभाव को खत्म किया जा सकता है और वहीं यज्ञ काफी बड़े पैमाने पर कुछ विशेष उद्देश्यों के लिए किया जाता है।

 

तो दोस्तों, आज आपको इस बात की जानकारी मिल गई होगी कि आखिर हवन और यज्ञ में क्या अंतर है। आप अब अपने दोस्तों व परिवार वालों को भी हवन और यज्ञ के बारे में पूरे विस्तार से बताने में सक्षम हो गए हैं।

पूजा करना अच्छी बात है लेकिन साथ ही पूजा की सही विधि भी जानना बहुत ज़रूरी है क्योंकि तभी आपकी पूजा सफल मानी जाएगी और आपको शुभ फल की प्राप्ति होगी। अब से जब भी आप अपने घर में हवन या फिर यज्ञ का आयोजन करने की सोच रहे हैं तो हमारे इस खास हवन और यज्ञ के बीच के अंतर को जानें और समझें ताकि आपकी ज़िंदगी में खुशहाली का आगमन हो जाए।

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