धर्म ज्ञान

चरणामृत क्या है, जानें महत्व और इससे जुड़ी कथा

आप जब किसी पूजा में जाते हैं या फिर मंदिर में भगवान के दर्शन करने जाते हैं, तो आपने देखा होगा कि पूजा संपन्न हो जाने के बाद सबसे पहले चरणामृत को ही लोगों के बीच बांटा जाता है… कभी आपके मन में यह सवाल आया है कि आखिर यह चरणामृत क्या होता है और इसका क्या है महत्व।

चरणामृत का क्या है महत्व???

चरणामृत जो है उसे भगवान के चरणों के अमृत का एक रूप ही माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि चरणामृत को बस पी लेने से ही इंसान के सारे पाप नाश हो जाते हैं और भगवान भी अपना आशीर्वाद देते हैं। यही नहीं, शास्त्रों में तो यह साफ कहा गया है कि चरणामृत एक ऐसा मृत है जिसे पी लेने से इंसान को अकाल मृत्यु का भय कभी नहीं रहता है। और तो और चरणामृत को भगवान कृष्ण के ही चरणों का रस पान माना जाता है जिसका सेवन करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

चरणामृत से जुड़ी कथा –

चरणामृत से जुड़ी एक कथा है जो बहुत ही प्रचलित है… दरअसल, तब जब भगवन विष्णु ने वामन अवतार धारण किया था और फिर राजा बलि से दान में तीन पग भूमि में तीनों लोक मांग लिए थे तो ऐसे में ब्रह्मा जी ने वामन रूपी भगवान विष्णु के चरण को धोकर उसी जल को वापस अपने कमंडल में रख लिया था और उसे ही चरणामृत का नाम दे दिया गया। बता दें कि फिर यही जल मां गंगा बनकर पृथ्वी पर मनुष्यों के लिए अवतरित हुई।

हमारे जीवन में गंगा का कितना महत्व है यह बात किसी से छिपि हुई नहीं है। गंगा को पवित्र माना जाता है… यह वह शुद्ध जल है जो सालों सालों तक पड़े रहने पर भी कभी इसमें कीड़े नहीं लगते और ना ही कभी इससे बदबू आती है।

वहीं, रामायण के केवट प्रसंग में भी चरणामृत का महत्व बताया गया है। बता दें कि जब केवट भगवान श्री राम के चरणों को धोकर उस जल को चरणामृत के रूप में ग्रहण करते हैं और परिवार, कुल एवं पितरों को भव पार करवा देता है। इन्ही सब वजहों से श्रद्धालु चरणामृत को बड़ी श्रद्धा से ग्रहण करते हैं।

चरणामृत का वैज्ञानिक दृष्टि से क्या है महत्व

आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन यह सत्य है कि चरणामृत का वैज्ञानिक दृष्टि से भी काफी महत्व है क्योंकि यह पानी ना सिर्फ हमारे शरीर को साफ करती है बल्कि नई ऊर्जा भी प्रदान करती है।

वाकई चरणामृत जिसे आज तक हम और आप अनजाने में पीएं जा रहे थे, आज इसके महत्व के बारे में जानकर काफी आश्चर्य चकित हो गए होंगे… अब जब आपको चरणामृत के फायदे के बारे में पता चल गया है तो ज़रूर से इसे पीया करें और मांग कर पिया करें।

चरणामृत को पीते वक्त रखें इन बातों का ध्यान

चरणामृत को जब भी लें दोनों हाथों को जोड़कर ही लें। चरणामृत को पीने के बाद हाथों में लगा जल अपने माथें में पोछ लें। चरणामृत के पीने के तुरंत बाद मांस-मछली का सेवन भूलकर भी ना करें।

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