धर्म ज्ञान

भगवान विष्णु को भोग लगाने से पहले याद रखें यह 5 बातें…

भगवान विष्णु को भोग लगाने से पहले याद रखें यह 5 बातें

भगवान विष्णु की महिमा अपरम पार मानी जाती है… इन्हें खुश करना आसान नहीं माना जाता है। कहते हैं भगवान विष्णु अपने भक्त की कड़ी परीक्षा लेते हैं… हालांकि जब वह प्रसन्न होते है तब अपने भक्त की इच्छा उम्मीद से ज्यादा पूरी कर देते हैं और खुशहाली का वरदान देते हैं।

भगवान विष्णु की पूजा तो आप सभी अवश्य करते होंगे और भोग भी लगाते होंगे। धार्मिक मान्यताओं की मानें तो ऐसा करने से भगवान विष्णु जल्दी प्रसन्न होते हैं और मनवांछित फल भी प्राप्त होते हैं।

जब भगवान विष्णु की मन से व सच्ची भावना से पूजा करने पर भी कोई शुभ फल की प्राप्ति नहीं हो पाती है, तो क्या कभी आपके मन में यह ख्याल नहीं आया कि कहीं आपके पूजा में तो कोई कमी नहीं रह जा रही है या कोई भूल तो नहीं हो रही है???

आज वेद संसार आपको बताने जा रहा है भगवान विष्णु से जुड़ी एक खास बात और यह बात है उनके भोग को लेकर… जी हां, उनको भोग लगाते समय हम सबको कुछ बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। आइए, जानते हैं कि आखिर किन बातों का ध्यान हमें रखना चाहिए –

• तुलसी का उपयोग ज़रूरी –

इस बात से तो आप सहमत होंगे कि विष्णु भगवान को तुलसी बहुत ही प्रिय है। भगवान विष्णु को भोग लगाते समय इस बात का खास ध्यान रखें कि आप तुलसी का उपयोग करना न भूलें। जान लें कि धार्मिक शास्त्रों के अनुसार भगवान विष्णु तुलसी के बिना कभी भोग ग्रहण नहीं करते हैं।

• सात्विक चीजों का लगाएं भोग –

वहीं, भगवान के भोग में हमेशा सात्विक चीजों का ही प्रयोग करना चाहिए। प्याज, लहसुन का प्रयोग गलती से भी ना करें क्योंकि यह सात्विक आहार में नहीं आता है।

• सादा भोग ही भगवान विष्णु को भाए –

भगवान विष्णु के भोग में तीखी चीजों का उपयोग ना के बराबर करें। भगवान को सादा भोग लगाने की पंरपरा हमेशा से रही है। भगवान विष्णु के भोग में मीठे पकवान का महत्व भी बहुत है। भगवान विष्णु का प्रिय भोग है खीर और हल्वा, इसलिए इन्हें भोग में ज़रूर शामिल करें।

• भोग के साथ जल भी रखें –

भगवान को भोग के साथ-साथ एक जल का गिलास या फिर लोटा अवश्य रखें और इन्हें कुछ देर पूजा स्थल में ही रहने दें। भोग लगाने के बाद भगवान को प्रणाम करें और फिर थोड़ी देर के लिए वहां से हट जाएं।

• भोग का एक हिस्सा गाय को ज़रूर से खिलाएं –

भगवान विष्णु को जो भोग आप लगा रहे हैं उसका थोड़ा सा हिस्सा निकालकर गाय को ज़रूर खिलाना चाहिए और उसके बाद ही उस भोग को प्रसाद के तौर पर सबको बांट देना चाहिए। बता दें कि धार्मिक ग्रंथो के अनुसार गाय को माता का दर्जा दिया जाता है और उनकी पूजा व अर्चना भी की जाती है… और तो और गाय को भोजन खिलाने से पितृ दोषों से मुक्ति भी मिल जाती है।

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