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भगवान कृष्ण की मृत्यु कैसे हुई थी, जानें रहस्य!

भगवान कृष्ण की मृत्यु कैसे हुई

महाभारत युद्ध की गाथा भला कौन भूल सकता है… बता दें कि युद्ध के समाप्ति के बाद जब युधिष्ठर का राजतिलक हो रहा था, तब कौरवों की माता गांधारी ने महाभारत युद्ध के लिए श्रीकृष्ण को दोषी ठहराया और शाप दे दिया की जिस प्रकार कौरवों के वंश का नाश हुआ है, ठीक उसी प्रकार यदुवंश का भी नाश होगा। बस इस शाप के चलते भगवान श्रीकृष्ण द्वारिका लौटकर यदुवंशियों को लेकर प्रभास क्षेत्र में आ गए। वहीं, कुछ दिनों बाद महाभारत-युद्ध की चर्चा करते हुए सात्यकि और कृतवर्मा में विवाद हो गया।

दूसरी ओर सात्यकि ने गुस्से में आकर कृतवर्मा का सिर काट दिया, जिससे उनमें आपसी युद्ध भड़क उठा और वे समूहों में विभाजित होकर एक-दूसरे का संहार करने में जूट गए।

यदुवंश का नाश कैसे हुआ

इस भिष्ण लड़ाई में श्रीकृष्ण के पुत्र प्रद्युम्न और मित्र सात्यकि समेत लगभग सभी यदुवंशी मारे गए थे… वहीं, इस लड़ाई में बब्रु और दारूक ही बचे रह गए थे, जिन्होंने बाद में यदु वंश को आगे बढ़ाया।

कृष्ण भगवान की मृत्यु कैसे हुई

कृष्ण भगवान की मृत्यु कैसे हुई

श्रीकृष्ण ने द्वारिका को उन्होंने अपना निवास स्थान बनाया और सोमनाथ के पास स्थित प्रभास क्षेत्र में उन्होंने देह का त्याग कर दिया। दरअसल, भगवान कृष्ण इसी प्रभास क्षेत्र में अपने कुल का नाश देखकर बहुत दुखी हो गए थे और वह तभी से वहीं रहने लगे थे। एक दिन वह एक वृक्ष के नीचे आराम कर रहे थे कि तभी किसी बहेलिये ने उनको हिरण समझकर तीर मार दिया। बता दें कि यह तीर सीधे उनके पैरों में जाकर लगी और तभी श्रीकृष्ण ने अपने देह का त्याग करने का निर्णय ले लिया।

श्रीकृष्ण को बहेलिया ने ही क्यो मारा

पौराणिक मान्यताओं की मानें तो प्रभु विष्णु  ने त्रेता में राम के रूप में अवतार लेकर बाली को छुपकर तीर मारा था। कृष्णावतार के समय भगवान ने उसी बाली को जरा नामक बहेलिया बनाया और अपने लिए वैसी ही मृत्यु का चुनाव किया जैसी बाली को उन्होंने दी थी।

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