धर्म ज्ञान महाभारत

कौन सी दिशा में बैठकर भोजन करना होता है शुभ… जानें क्या कहता है महाभारत!

कौन सी दिशा में बैठकर भोजन करना होता है शुभ

क्या आप भोजन के बीना जीवन की कल्पना कर सकते हैं? जवाब ज़रूर ना मे ही होगा…  एक स्वस्थ  शरीर के लिए भोजन बहुत ज़रूरी माना जाता है। आप खुद सोचकर देखिए क्या आप बिना भोजन के खुद को हेल्दी मान सकते हैं।

दूसरी ओर,  समातन धर्म व पौराणिक शास्त्रों  में भी भोजन से जुड़े कई नियम बताए गए हैं… जैसे कि भोजन से पहले अपने हाथ व पैर को अच्छे से धोना, हमेशा पूर्व या दक्षिण की ओर मुख करके भोजन करना… ऐसी मान्यता है कि इस नियम से भोजन करने से आपको यश एवं आयु दोनों की वृद्धधि होती है।

यही नहीं, भोजन करते समय हर व्यक्ति को शांत होना चाहिए और साथ ही खुश भी। जी हां, याद रखें कि कभी भी भोजन दुखी मन से नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह खाना फिर आपके शरीर में जाकर नहीं लगता और आपको अंदर से कमजोर बना देता है। इसलिए जब भी भोजन करें खुशी से करें।

जहां खाना बहुत ज़रूरी है वहीं, उपवास का भी अपना महत्व होता है… घर के बड़े-बुढ़ों से आपने कई उपवास के बारे में सुना होगा व उनके पीछे की कहानियां भी जानी होगी।

आइए जानते हैं कि उपवास को लेकर आयुर्वेद क्या कहता है –

“लंघनम् परमौषधम्”

अर्थ – “उपवास सर्वेश्रेष्ठ औषधि है”

दोस्तों, भोजन के बिना जीवन की कल्पना कर पाना बहुत मुश्किल है… अमीर से अमीर और गरीब से गरीब आज पैसे की जुगाड़ करता है तो वह किसलिए… सबसे पहले अपना पेट भरने के लिए…

आज वेद संसार आपको महाभारत के अनुशासन पर्व में भोजन से संबंधित महत्वपूर्ण नियमों के बारे में विस्तार से बताने जा रहा है – 

• यह बहुत पुरानी रीत है कि घर में बनने वाले खाने को सबसे पहले भगवान को भोग लगाया जाता है और फिर अपने पूर्वजो को भी भोग लगाएं। अब आप इस प्रसाद को अपने परिवार के सारे सदस्यों में बांट दें।

• कभी आपने अपने बड़ो को लांघी हुई चीज़ को खाने से इंकार करते हुए मना करते देखा है… ज़रूर यह बात नोटिस की होगी आपने… दरअसल,  ऐसा कहा जाता है कि किसी भी खाने की चीज़ को अगर कोई लांघ जाए, तो फिर उसे भूल से भी नहीं खाना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार लांघा हुआ खाना अपवित्र माना जाता है।

• वहीं, अगर कोई खाने को जूठा कर जाए तो उस ना तो खुद खाना चाहिए और ना ही किसी और को खाने के लिए देना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से आपको पाप लग सकता है।

• आपने यह ज़रूर सुना होगा कि मेहनत का फल मीठा होता है और ठीक उसी तरह मेहनत से कमाया हुआ अन्न आपके घर में बरकत ला सकता है… ध्यान रहे कि अगर आप बेईमानी या फिर गलत तरीके से पैसा कमाते हैं और उस पैसे से ही फिर भोजन की सामाग्री खरीदते हैं तो यह आपको कभी नहीं पचेगा और तो और आपके घर में नकारात्मक शक्तियों का भी प्रवेश हो सकता है।

• इस बात का भी ध्यान रखें कि जानवर कुत्ते द्वारा झूठा किया हुआ भोजन भूल से भी कभी नहीं खाना चाहिए।  वास्तु शास्त्र के अनुसार रोजाना घर में बनी आखिरी रोटी ज़रूर किसी कुत्ते को खिलाना चाहिए।

• यह बात बहुत कम लोग जानते हैं कि भोजन में बाल का गिर जाना या फिर किसी कीड़े का गिरना भी अशुभ या यूं कहे कि अच्छा नहीं माना जाता है। कहते हैं कि इनका खाने में गिरने से खाना अशुद्ध हो जाता है और यह एक अशुभ संकेत भी देता है।

• यूं तो छींक पर किसी का जोर नहीं चलता… कभी भी आप खाना कर रहे हो और आपको जोरों की छींक आ जाए, तो वह खाना बिल्कुल भी ना खाएं और कभी भी खाते समय आंख से आंसू भी ना गिरने दे। ऐसे खाने में आंसू गिरना बहुत अशुभ माना जाता है।

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