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अमावस्या अगर सोमवार को पड़े तो इसका महत्व क्यों बढ़ जाता है?

क्या आप जानते हैं कि ज्योतिष और धार्मिक दृष्टि से अमावस्या तिथि बहुत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है और जब अमावस्या सोमवार को पड़े तो इसका महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है। क्यों चौंक गए ना… जी हां, मान्यता ऐसी ही है कि अमावस्या अगर सोमवार को पड़े तो इसक महत्व वाकई में काफी बढ़ गया है।

इस साल यानी कि 2021 में अमावस्या 12 अप्रैल को पड़ रही है और वह भी सोमवती अमावस्या है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस बार पूरे साल में बस यही एक सोमवती अमावस्या पड़ रही है, इसलिए यह और भी ज्यादा अमावस्या महत्वपूर्ण है।

अमावस्या के दिन कुछ बातों को ध्यान में रखना बहुत जरूरी माना जाता है… आज वेद संसार आपको यही बताने जा रहा है कि अमावस्या के दिन क्या करें और क्या ना करें –

तो सबसे पहले बताते हैं कि सोमवती अमावस्या पर आपको क्या करना चाहिए –

हमारे हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या के दिन स्नान-दान का महत्व बहुत खास होता है। इसके साथ ही इस दिन दान का भी महत्व माना जाता है। यही नहीं, अगर आप किसी भी कारणवश नदी पर स्नान करने नहीं जा सकते हो तो नहाने के पानी में गंगाजल डाल लें और फिर स्नान करें। इस दिन किसी भी जरुरतमंद को आप अनाज, खाने की चीज़ें या फिर वस्त्र दान अवश्य करें क्योंकि ऐसा करने से आपको पुण्य की प्राप्ति होगी।

साथ ही अमावस्या तिथि पर स्नान करने के बाद सूर्य को अर्घ्य ज़रूर देना चाहिए। इसके साथ ही पितरों के निमित्त भी जल अर्पित याद से करें, क्योंकि इससे पितरों का आशीर्वाद आप पर हमेशा बना रहेगा।

सोमवती अमावस्या के दिन भगवान शिव की पूजा ज़रूर करें क्योंकि भोलेनाथ की आराधना बहुत फलदायक होता है। ध्यान रखें कि इस दिन ऊं का उच्चारण ज़रूर करें।

और तो और सोमवती अमावस्या पर तुलसी की पूजा करना ना भूलें। इस दिन तुलसी पूजा करने के बाद याद से 108 परिक्रमा करनी चाहिए क्योंकि इससे सुख सौभाग्य में वृद्धि होती है

सोमवती अमावस्या के दिन क्या ना करें –

वेद संसार ने आपको बताया कि सोमवती अमावस्या पर क्या करना चाहिए ठीक उसी तरह अब हम आपको बताने जा रहे हैं कि इस दिन कुछ कार्य ऐसे होते हैं जिन्हें करना वर्जित माना जाता है।

कहते हैं कि अमावस्या के दिन श्मशान घाट या फिर किसी भी सूनसान जगह पर नहीं जाना चाहिए, क्योंकि माना यह जाता है कि इस दिन नकारात्क शक्तियां काफी जागृत होती हैं।

सोमवती अमावस्या के दिन सुबह-सुबह जल्दी उठ जाना चाहिए, क्योंकि इस दिन देर तक सोना अच्छा नहीं माना जाता है।

और तो और इस दिन तामसिक भोजन और नशीली चीजों के सेवन से खुद को कोसो दूर रखना चाहिए, इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना आवश्यक होता है।

बताते चलें कि अमावस्या के दिन पीपल की पूजा का विधान माना जाता है। ध्यान रखें कि पीपल की पूजा आप अवश्य करें पर इसे स्पर्श ना करें।

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