ईवेंट हिन्दू पर्व

रंगपंचमी क्या है और जानें इसका महत्व

रंगपंचमी जो है वह होली के ठीक पांच दिन बाद यानि कि चैत्र मास की कृष्ण पंचमी को धूमधाम से मनाई जाती है। रंगपंचमी का खास पर्व महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश में मनाया जाता है। वहीं, साथ ही देश के कुछ अन्य हिस्सों में भी लोग इसे काफी धूमधाम के साथ मनाते हैं।
बता दें कि रंगपंचमी त्यौहार होली का ही एक भाग माना जाता है। होली का उत्सव चैत्र मास की कृष्ण प्रतिपदा से लेकर यह पंचमी तक चलती है। यही नहीं, कृष्ण पंचमी के दिन भी लोग गुलाल से खेलते हैं, इसलिए इसे रंगपंचमी भी कहा जाता है। रंग पंचमी कोकण क्षेत्र का खास त्यौहार है।

लोगों की मानें तो हवा में रंग उड़ाने पर और एक-दूसरे को लगाने पर विभिन्न रंगों की ओर देवता आकर्षित होते हैं। साथ ही इससे वातावरण ब्रह्मांड में सकारात्मक तंरगों का संयोग बनता है और रंग कणों में संबंधित देवताओं के स्पर्श की अनुभूति होती है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन वातावरण में उड़ते हुए गुलाल व्यक्ति में सकारात्मक गुणों भरते हैं और नकारात्मकता का नाश भी करते हैं।

रंगपंचमी के दिन क्या होता है खास

व्यक्ति के अंदर रज और तम दोनों ही गुण मौजूद होते हैं, जो नकारात्मक ऊर्जाओं को उत्पन्न करती हैं। रंगपंचनमी के दिन लोग पूरे शहर में रंगारंग जुलूस तो निकालते ही हैं व साथ ही एक विशेष प्रकार का मीठा पकवान भी हर घरों में बनाया जाता है, जिसे पूरनपोली कहा जाता है।

रंगपंचमी का महत्व

रंगपंचमी का महत्व

होली ब्रह्मांड के तेज का उत्सव है रंगपंचमी। विविध तेजोत्सव तरंगों के भ्रमण से ब्रह्मांड में अनेक रंग आवश्यकता के अनुसार साकार होते हैं तथा संबंधित घटक के कार्य के लिए पूरक व पोषक वातावरण की निर्मित भी करते हैं। इस शुभ दिन वायुमंडल में उड़ाए जाने वाले विभिन्न रंगों के रंग कणों की ओर विभिन्न देवताओं के तत्व आकर्षित होते हैं। ब्रह्मांड में कार्यरत सकारात्मक तरंगों के संयोग से होकर जीव को देवता के स्पर्श की अनुभूति देकर देवता ज़रूर आशिर्वाद देते हैं।

तो दोस्तों हम आशा करते हैं कि वेद संसार द्वारा बताए गए इस खास पर्व रंगपंचमी के बारे में जानकर आपको रंगों का महत्व समझ में आ गया होगा। जीवन में रंग है तभी तो वह खूबसूरत दिखते हैं, नहीं तो बेरंग ज़िंदगी भला किसे रास आएगी???

रंगों के बीना हमारा जीवन वाकई में बेकार है… इसलिए कोशिश यही करें कि जितना हो सके अपने लाइफ में रंगों को ज्यादा से ज्यादा भरें। जीवन में खुशियों के रंग… प्यार के रंग… भरोसे का रंग… सम्मान का रंग… भला खुद सोचिए अगर इन रंगों में से कोई भी रंग जीवन में मौजूद ना हो तो हम क्या अपनी खुशहाल ज़िंदगी की कल्पना कर सकते हैं??? जवाब ज़रूर ना में ही होगा… दरअसल, हमारी ज़िंदगी बहुत छोटी है इसलिए इसे व्यर्थ ना जानें दें बल्कि ढेरों रंग इसमें भरे ताकि आपकी दुनिया खूबसूरत रंगो की तरह रंगीन हो और आप खुशी-खुशी अपना हर एक पल जीएं।

खुश रहे आबाद रहे और अपने जीवन में प्यार के सुनहरे रंग भरते रहें।

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