ईवेंट हिन्दू पर्व

2020 लोहड़ी पर इस विधि से करें पूजा और घर लाएं खुशियां

2020 लोहड़ी पर इस विधि से करें पूजा और घर लाएं खुशियां

इस बात से तो आप सभी वाकिफ होंगे कि लोहड़ी का त्योहार मकर संक्रांति से ठीक एक दिन पहले मनाया जाता है। लोहड़ी के दिन को पौष माह का अंत और माघ के महीने की शुरुआत भी मानी जाती है। लोहड़ी का त्योौहार एक-दूसरे से मिलने-मिलाने और खुशियां बांटने का त्योहार है, जिसे लोग बड़े ही धूमधाम के साथ मनाते हैं।

लोड़ड़ी शब्द का अर्थ –

लोहड़ी शब्द तीन अक्षरों से मिलकर बना हुआ है – ल से लकड़ी, ओह से गोहा यानि जलते हुए उपले व ड़ी से रेवड़ी… लोहड़ी को लाल लाही, लोहिता व खिचड़वार नाम से भी जाना जाता है।

लोहड़ी के हर राज्य में विभिन्न नाम –

वहीं, सिन्धी समाज भी इसे लाल लाही पर्व के रूप में मनाया जाता है। लोहड़ी की लोह मतलब अग्नि दक्ष प्रजापति की पुत्री सती के योगाग्नि-दहन की याद में जलाई जाती है। यज्ञ पर अपने जामाता महादेव का भाग ना निकालने के दक्ष प्रजापति के प्रायश्चित्त के रूप में इस अवसर पर परिजन अपनी विवाहिता पुत्रियों के घर में वस्त्र, मिठाई, रेवड़ी, फल आदि भेजे जाते हैं।

क्या आप जानते हैं कि लोहड़ी को पहले कई स्थानों पर लोह कहकर भी बुलाया जाता था। लोह का अर्थ होता है लोहा… यहां लोहे को तवे से जोड़कर देखा जाता है। लोहड़ी के मौके पर पंजाब में नई फसल भी काटी जाती है। गेहूं के आटे से रोटियां बनाकर लोह यानी तवे पर सेकीं जाती हैं, इसलिए पहले इस त्योहार को लोह के नाम से भी जाना जाता था।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लोहड़ी का त्योहार फसल की बुआई और उसकी कटाई से जुड़ा हुआ है… किसान अपने नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के रूप में लोहड़ी मनाते हैं, लोहड़ी की रात को साल की सबसे लंबी रात माना जाता है। लोहड़ी के दिन अग्नि व महादेवी के पूजन से दुर्भाग्य दूर होता है, पारिवारिक क्लेश समाप्त होता है तथा सौभाग्य प्राप्त होता है।

लोहड़ी पर करें विशेष पूजन –

1. अपने घर की पश्चिम दिशा में पश्चिममुखी होकर काले कपड़े पर महादेवी का चित्र स्थापित करें और फिर उसकी पूजा करें।
2. वहीं, सरसों के तेल का दीपक जलाएं और साथ ही लोहबान से धूप करें, सिंदूर चढ़ाएं, बेलपत्र चढ़ाएं, रेवड़ियों का भोग भी याद से लगाएं।
3. अब आप सूखे नारियल के गोले में कपूर डालकर अग्नि प्रज्वलित कर रेवड़ियां, मूंगफली व मक्का अग्नि में डाल दें।
4. इसके बाद सात बार अग्नि की परिक्रमा करें।
5. लोहड़ी पूजा के साथ इस मंत्र का जाप करना ना भूलें – ॐ सती शाम्भवी शिवप्रिये स्वाहा॥
6. लोहड़ी का पर्व मूलतः आद्यशक्ति, श्रीकृष्ण व अग्निदेव के पूजन का पर्व भी माना जाता है।

लोहड़ी पर करें यह खास उपाय –

1. अपने जीवन से दुर्भाग्य दूर करने के लिए महादेवी पर चढ़ी रेवड़ियां गरीब कन्याओं में ज़रूर बाटें।
2. पारिवारिक क्लेश से मुक्ति पाने के लिए उड़द और चावल काली गाय को खिलाएं।
3. सौभाग्य की प्राप्ति के लिए गुड़ और तिल गरीबों में अवश्य बांटे।
4. वहीं, अपनी आर्थिक समस्या से निजात पाने के लिए इस शुभ दिन लाल कपड़े में गेहूं बांधकर किसी ब्राह्मण को दान याद से करें।
5. ध्यान रहें कि इस दिन तिल से हवन करना, तिल ग्रहण करना और दान करना हर तरह से शुभता लेकर आता है।

Leave a Comment