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मौनी अमावस्या क्या है और लोग इस दिन क्यों रखते हैं मौन व्रत?

माघ माह की अमावस्या को ही मौनी अमावस्या कहा जाता है। इस साल यानी कि 2021 में मौनी अमावस्या 11 फरवरी, 2021 को पड़ रही है। वहीं, हमारी धार्मिक दृष्टि से यह तिथि बहुत ही खास मानी जाती है।

ऐसी मान्यता है कि मौनी अमावस्या के दिन मौन रहकर स्नान और दान करना बहुक फलदायी माना जाता है। कहा तो यह भी जाता है कि अगर इस अमावस्या पर मौन रहें, तो इससे आपको अच्छा स्वास्थ्य और ज्ञान दोनों की प्राप्ति होती है। यही नहीं, ग्रह दोष दूर करने के लिए भी यह अमावस्या खास मानी गई है।

मौनी अमावस्या का शुभ मुहूर्त –

मौनी अमावस्या की शुरुआत 10 फरवरी, 2021 की दोपहर 01 बजकर 10 मिनट से होगी और 11 फरवरी 2021 की रात 12 बजकर 27 मिनट को समाप्त हो जाएगी।

मौनी अमावस्या के क्या है सही नियम –

सुबह या फिर शाम को भी आप नहाने के बाद संकल्प ले सकते हैं। सबसे पहले आप जल को सिर पर लगाए, प्रणाम करें और फिर स्नान करें। अच्छे से नहा-धो लेने के बाद आप साफ कपड़े पहन लें और जल में काले तिल डालकर भगवान सूर्य को अर्घ्य जरूर दें।

और हां, इन सबके बाद मंत्र जाप करना ना भूलें और अपने सामर्थ्य के अनुसार ही वस्तुओं का दान करें। कहते हैं कि इस दिन क्रोध करने से ज़रूर बचना चाहिए व किसी को अपशब्द भी ना कहें। यही नहीं, मौनी अमावस्या के दिन हम सभी को ईश्वर का ध्यान सच्चे मन से करना चाहिए।

क्या है मौनी अमावस्या –

हमारी पौराणिक कथाओं के अनुसार इस शुभ दिन मनु ऋषि का जन्म हुआ था और उन्हीं के नाम से मौनी शब्द की उत्पत्ति हो गई थी। बस इसलिए इसे मौनी अमावस्या का नाम दिया गया। इस खास दिन नहा-धो लेने के बाद साफ कपड़े पहने के नियम हैं। साथ ही जल में काले तिल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाता और फिर सूर्य भगवान के मंत्र का जाप कर जरूरतमंदों को दान-दक्षिणा देते हैं।

और तो और मौनी अमावस्या के श्रद्धालु इस दिन मौन व्रत रहकर ईश्वर के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं। खासकर के मौनी अमावस्या गंगा स्नान के लिए बहुत ही ज्यादा शुभ दिन माना जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मौनी अमावस्या, मौन रहकर स्नान दान करने की है परंपरा मौन से शुरू हुई।

क्या है मौनी अमावस्या का महत्व –

मौनी अमावस्या के दिन पितरों का तर्पण करने से पितृ दोष से आपको मुक्ति मिल जाती है। यही नहीं, मौनी अमावस्या पर किए गए दान-पुण्य का फल सौ गुना ज्यादा आपको मिल सकता है। कहा तो यह भी जाता है कि इस दिन गंगा का जल अमृत के समान होता है। ध्यान रहे कि मौनी अमावस्या को किया गया गंगा स्नान अद्भुत पुण्य प्रदान करता है।

मौनी अमावस्या पर करें इन चीजों का दान –

ऐसी मान्यता है कि मौनी अमावस्या के दिन गंगा स्नान करने के बाद तिल, तिल के लड्डू, तिल का तेल, आंवला, कंबल, वस्त्र, अंजन, दर्पण, स्वूर्ण और दूध देने वाली गाय का दान करना बहुत ही फलदायी होता है

तो दोस्तों, वेद संसार द्वारा बताए गए इस खास अमावस्या यानी कि मौनी अमावस्या के बारे में आपको जानकारी विस्तार से मिल गई होगी और अब आप समझ गए होंगे कि मौनी अमावस्या का महत्व बहुत खास है और इस विशेष दिन आप दान-दक्षिणा कर के पुण्य की प्राप्ति कर सकते हैं।

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