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मासिक शिवरात्रि: जानें क्या है शिव चालीसा की महिमा!

हमारे हिंदू पंचाग में हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी यानी कि 14वें दिन मासिक शिवरात्रि के बारे में बताया गया है। ऐसी मान्यता है कि इस शुभ दिन भगवान शिव की आराधना कर आप महावरदान की प्राप्ति बड़ी आसानी से कर सकते हैं।

क्या आप जानते हैं कि मासिक शिवरात्रि के दिन शिव चालीसा का बहुत महत्व होता है… शिव चालीसा के सरल शब्दों से भगवान शिव को प्रसन्न आप कर सकते हैं। याद रहे कि शिव चालीसा के पाठ से आप अपने कठिन से कठिन कार्य को बहुत ही आसानी से कर सकते हैं। शिव चालीसा की 40 पंक्तियां सरल शब्दों में विद्यमान है जिनकी महिमा बहुत ही अधिक है।

दोस्तों, याद रखें कि भोले स्वभाव के होने के कारण भगवान भोलेनाथ शिव चालीसा के पाठ से आसानी से मान जाते हैं और भक्त को मनचाहा वरदान दे देते है। शिव चालीसा का पाठ करने वालों के सभी भय खत्म हो जाते है।

शिव चालीसा के पाठ की सरल विधि –

  • सबसे पहले सुबह जल्दी उठ जाएं… स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
  • अब अपना मुंह पूर्व दिशा में रख लें और कुशा के आसन पर बैठ जाएं पूजन में सफेद चंदन/चावल/कलावा/ धूप-दीप पीले फूलों की माला और हो सके तो सफेद आक के 11 फूल भी रखें और शुद्ध मिश्री को प्रसाद के लिए रखें।
  • याद से पाठ करने से पहले धूप दीप जला लें और एक लोटे में शुद्ध जल भरकर रखें।
  • भगवान शिव की शिवचालिसा का तीन या पांच बार पाठ करें। शिव चालीसा का पाठ बोल बोलकर करें, जितने लोगों को यह सुनाई देगा उनको भी लाभ अवश्य होगा।
  • पाठ पूरा हो जाने पर लोटे का जल सारे घर मे छिड़क दें। थोड़ा सा जल स्वयं पी लें और मिश्री प्रसाद के रूप में खाएं और बच्चों में भी बाट दें।

शिव चालीसा के फायदे –

मन में आपके भय है तो यह  पंक्ति पढ़ें –

जय गणेश गिरीजा सुवन’ मंगल मूल सुजान…

कहते अयोध्या दास तुम’ देउ अभय वरदान…

इस पंक्ति को 11 बार  सुबह भगवान शिव के सामने पढ़ें। ऐसा लगातार 40 दिन तक करने से आपको लाभ अवश्य होगा।

वहीं, दुख और परेशानी से छुटकारा पाने के लिए पढ़ें –

देवन जबहिं जाय पुकारा’ तबहिं दुख प्रभु आप निवारा…

इस पंक्ति को 27 बार रात्रि में पढ़ कर सोएं और कार्य सिद्ध हो जाने पर निर्धन लोगों को सफेद मिठाई जरूर से बाटें।

अपने कार्य को सिद्ध करने के लिए पढ़ें –

पूजन रामचंद्र जब कीन्हा’ जीत के लंक विभीषण दीन्हा…

आप इस पंक्ति को 13 बार शाम के समय पढ़ें और ऐसा लगातार 27 दिन तक जरूर से करें।

मनवांछित वर प्राप्ति के लिए करें पढ़ें –

कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर’ भई प्रसन्न  दिए इच्छित वर…

याद रहे कि इस पंक्ति को सुबह के समय 54 बार पाठ करें, आपको मनवांछित वर की प्राप्ति अवश्य होगी और ऐसा आपको 21 दिन तक करना होगा।

शिव चालीसा कैसे दे सकती है मनचाहा वरदान –

ब्रह्म मुहूर्त में एक सफेद आसन पर बैठ जाएं और उत्तर पूर्व या पूर्व दिशा की तरफ मुंह करें। गाय के घी का दीपक जला कर शिव चालीसा का 11 बार पाठ करें। अब आप जल का पात्र रखें और मिश्री का भोग लगाएं। एक बेलपत्र भी उल्टा करके शिवलिंग पर अर्पण करें। मनचाहे वरदान की इच्छा करें और यह पाठ 40 दिन लगातार करें।

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