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हनुमान जयंती 2019 – ना करें यह 5 गलतियां वरना पड़ेगा पछताना

हनुमान जयंती पर ना करें यह गलतियां

इस पृथ्वी पर मौजूद सात चिरंजीवियों में से एक श्री हनुमान जी की साधना पूरे श्रद्धा और विश्वास के साथ कलयुग में सबसे अधिक की जाती है। हमारे देश का शायद ही ऐसा कोई कोना होगा जहां पर श्री हनुमान जी की पूजा नहीं की जाती हो। सभी देवताओं में श्री हनुमान जी जल्दी प्रसन्न होने वाले देवता माने जाते हैं, जिनका महज नाम लेते ही बड़े से बड़े संकट टल जाते हैं और बड़ी सी बड़ी परेशानियां दूर हो जाती हैं।

चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि यानी कि 19 अप्रैल, 2019 को अष्टसिद्धि के दाता भगवान हनुमान जी का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। यूं तो श्री हनुमान जी की पूजा हम सभी करते हैं लेकिन कभी-कभी जाने-अनजाने में कुछ ऐसी बड़ी गलतियां कर जाते हैं, जिसके कारण बजरंग बली प्रसन्न होने की बजाय नाराज़ हो जाते हैं।

आज वेद संसार आपको उन 5 गलतियों के बारे में बताने जा रहा है जिन्हें आप करेंगे तो पछताएंगे और भगवान हनुमान के आशीर्वाद से वंचित रह जाएंगे।

काले या सफेद रंग का ना करें प्रयोग –

क्या आप जानते हैं कि श्री बजरंग बली का प्रिय रंग लाल है। ऐसे में पूजा के दौरान उनकी पसंद का पूरा ध्यान रखेना बहुत ज़रूरी है। यहां हमारे कहने का तात्पर्य यह है कि श्री हनुमान जी को लाल रंग के फूल, कपड़ें आदि ज़रूर अर्पित करें। गलती से भी श्री हनुमान जी की पूजा काले या सफेद रंग के कपड़े पहनाकर ना करें। मान्यता यह है कि ऐसा करने पर आपकी पूजा पर नकरात्मक प्रभाव पड़ता है। हनुमान जी की पूजा में लाल और पीले रंग के कपड़ों का ही प्रयोग करें।

नमक को कहे ना

अगर आप हनुमान जी की आराधना करने जा रहे हैं या फिर व्रत रख रहें हैं, तो मंगलवार या हनुमान जयंती के व्रत वाले दिन नमक का सेवन बिल्कुल भी ना करें।

क्रोध में हनुमान जी का ध्यान ना करें

क्रोध में हनुमान जी का ध्यान ना करें

हनुमान जी काफी शांतप्रिय माने जाते हैं, इसलिए उनकी साधना बड़े ही शांत मन से करनी चाहिए। अगर आपका मन अशांत है या फिर आपको किसी बात पर क्रोध आ रहा है, तो ऐसे में हनुमान जी की पूजा ना करें। ध्यान रहे कि अशांत मन से की गई पूजा से हनुमान जी प्रसन्न नहीं होते हैं। साथ ही हनुमत पूजन के दौरान गलत विचारों की ओर भी अपना मन न भटकने दें।

चरणामृत ना चढ़ाएं

यह बहुत कम लोग ही जानते हैं किनुमान जी की पूजा में चरणामृत का प्रयोग नहीं किया जाता है। साथ ही श्री बजरंग बली की खंडित अथवा टूटी मूर्ति की पूजा करना भी वर्जित है। मांस-मदिरा का सेवन करने के पश्चात् भी न तो हनुमान मंदिर जाएं और न ही उनकी पूजा करें।

स्त्रियां ना करें हनुमान जी को स्पर्श

हनुमान जी एक ब्रह्मचारी थे इसलिए उनकी पूजा करते समय ब्रह्राचर्य व्रत का पालन करना आवश्यक माना जाता है। हनुमान जी की उपासना करते समय किसी भी प्रकार की कामुक चर्चा करने से बचना चाहिए। साथ ही इस बात का ध्यान भी अवश्य रखें कि हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी होने की वजह से स्त्रियों के स्पर्श से दूर रहते थे। ऐसे में पूजा के दौरान स्त्रियों को हनुमान जी को स्पर्श नहीं करना चाहिए।

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