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गुप्त नवरात्रि क्या है, जानें कौन है इसकी प्रमुख देवियां

हमारे हिन्दू धर्म में नवरात्र का महत्व बहुत खास होता है… यह वह समय होता है, जब लोग मां दुर्गा की साधना पूरे सच्चे मन से करते हैं। बता दें कि नवरात्र के दौरान बहुत से साधक विभिन्न तंत्र विद्याएं सीखने के लिए भी मां भगवती की पूजा व अराधना करते हैं। खासकर के तंत्र साधना के लिए गुप्त नवरात्र को बहुत फलदायी माना जाता है। दरअसल, आषाढ़ और माघ मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली नवरात्र को ही गुप्त नवरात्र कहा जाता है

यूं तो इस नवरात्रि के बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं… इसलिए आज वेद संसार आपको विस्तार से बताने जा रहा है गुप्त नवरात्रि के बारे में –

ऐसी मान्यता है कि गुप्त नवरात्र के दौरान अन्य नवरात्रों की तरह ही पूजा करने की परंपरा है। नौ दिनों के उपवास का संकल्प लेते हुए नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना करनी चाहिए। वहीं, घटस्थापना के बाद रोजाना सुबह और शाम के समय मां दुर्गा की पूजा करनी चाहिए और साथ ही अष्टमी या फिर नवमी के दिन कन्या पूजन के साथ नवरात्र व्रत का उद्यापन करें।

गुप्त नवरात्रि का क्या है महत्व –

साल में चार बार नवरात्र आते हैं और नवरात्रि में देवी के नौ रूपों की पूजा भी की जाती है, ठीक उसी प्रकार गुप्त नवरात्र में दस महाविद्याओं की साधना की जाती है।

गुप्त नवरात्रि जो है वह तांत्रिक क्रियाएं, शक्ति साधना, महाकाल आदि से जुड़े लोगों के लिए विशेष महत्त्व रखती है। इस नवरात्रि के दौरान मां भगवती के साधक बेहद कड़े नियम के साथ व्रत और साधना करते हैं और इस दौरान लोग लंबी साधना कर दुर्लभ शक्तियों की प्राप्ति करने का बहुत प्रयास करते हैं।

गुप्त नवरात्रि की प्रमुख देवियां कौन है –

गुप्त नवरात्र की प्रमुख देवियां हैं – मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, माता छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, माता बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी।

गुप्त नवरात्रि कब है –

साल 2021 में गुप्त नवरात्रि की शुरुआत 12 फरवरी से हो रही है। गुप्त नवरात्रि के नौ दिन माता भगवती को अपराजिता के फूल चढ़ाएं, क्योंकि इससे आपके जीवन की सारी बाधाएं आपसे कोसो दूर हो जाएगी।

तो चलिए जानते हैं गुप्त नवरात्रि से जुड़ी ऐसी ही 7 और बातें –

• अगर किसी भी कारण से आप नवरात्रि का व्रत रख नहीं पाते हैं तो आप नौ दिनों तक अपने खान-पान पर विशेष नियंत्रण रखने की कोशिश अवश्य करें जैसे कि मांस-मछली-मदिरा, लहसुन और प्याज का उपयोग गलती से भी ना करें। आपके लिए सात्विक भोजन ही करना उचित होगा।

• यह हम सभी जानते हैं कि मां शक्ति स्वयं नारी हैं और इसलिए सदैव हर एक नारी का सम्मान करना चाहिए। देवी पुराण में भी इस बात का उल्लेख है कि मां भगवती उन्हीं की पूजा अर्चना स्वीकार करती हैं जो नारी का सिर्फ व्रत के दौरान ही नहीं बल्कि जीवन पर्यान्त आदर-सम्मान करते हैं। याद रखें कि जो नारी की इज्जत करते हैं, मां लक्ष्मी उनकी हमेशा सुनती हैं

• एक और बात मां भगवती उसी पूजा को स्वीकारती हैं जो श्रद्धा और प्रेम के साथ की जाती है।

• गुप्त नवरात्रि में स्वच्छता का ध्यान ज़रूर रखें।

• नवरात्रि के पहले से ही किचन और मंदिर की साफ-सफाई अच्छे से कर लें। ध्यान रहे कि इन नौ दिनों तक बाल, दाढ़ी और नाखून को भी ना काटें।

• मूक और बेज़ुबान पशुयों को परेशान करने से बचें क्योंकि ऐसा करने से आप पर हमेशा माता की कृपा बनी रहेगी।

• बताते चलें कि गुप्त नवरात्रि तंत्र-मंत्र सिद्धियीं के लिए बहुत चर्चित है और कुछ लोग तो तंत्र व मंत्र का उपयोग गलत मकसद के लिए करते हैं। आपके लिए अच्छा यही होगा कि आप ऐसे लोगों से दूरी बनाकर रखें।

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