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गौरी पूजा क्या है, जानें महत्व और विधि

गौरी पूजा क्या है, जानें महत्व और विधि

यूं तो मां दुर्गा को कई नाम से पुकारा जाता है – मां अम्बे, मां पार्वती, मां गौरी आदि… लेकिन मां का गौरी नाम बहुत अपना सा लगता है। हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतिया को धूमधाम के साथ मनाया जाता है गौरी पूजा।

बता दें कि गौरी पूजन में महिलाएं माता पार्वती की आराधना करती हैं। यह त्योहार खासकर के महाराष्ट्र में मनाया जाता है। गौरी पूजन हर साल गणेश चतुर्थी के चौथें व पांचवें दिन ही पड़ती है। इस शुभ दिन देवी का आवाहन किया जाता है, साथ ही उनकी प्रतिष्ठा की जाती है। इस पूजा के ठीक दूसरे दिन मां की मुख्य पूजा होती है और तीसरे दिन देवी की विदाई कर दी जाती है। यूं तो माता हमारे हृदय में हमेशा निवास करती है लेकिन पूजा की विधि विधान के अनुसार अपनो खुशी-खुशी विदा भी किया जाता है।

क्यों करते हैं गौरी पूजन –

आपके मन में यह सवाल ज़रूर होगा कि आखिर गौरी पूजा क्यों करते हैं… इस पूजा को आम तौर पर सुख-समृद्धि के लिए किया जाता है। याद रखें कि अगर आप अपने घर में खुशहाली लाना चाहते हैं, तो यह बहुत ज़रूरी है कि मां गौरी आपकी पूजा से पहले प्रसन्न हो। गौरी पूजन से ना सिर्फ आपके घर में सुख व समृद्धि बनी रहेगी बल्कि शांति और सफलता घर में निवास करेगी।

वहीं, अगर किसी पति-पत्नी के रिश्तों में आए दिन टकरार होती रहती है, तो उनके लिए भी गौरी पूजन किसी महान पर्व से कम नहीं माना जाएगा। ऐसी मान्यता है कि मां गौरी की पूजा करने से आपकी शादीशुदा ज़िंदगी बहुत खुशहाल रहेगी और आप एख बेहतर जीवन की ओर अपना कदम बढ़ाएंगे। यही नहीं, जिनकी शादी होने में दिक्कतें आ रही है वह अगर इस खास पूजा को पूरे सच्चे मन से करते हैं, तो उनकी मुराद मां गौरी कभी खाली नहीं जाने देती है और मनचाहा एवं योग्य जीवनसाथी का वरदान देती हैँ।

गौरी पूजन विधि –

• सबसे पहले आप मां गौरी की पूजा की शुरुआत सर्वोपरि श्री गणेश से आरंभ करें।

• गणपित भगवान को गंगाजल से स्नान कराएं।

• अब आप पंचामृत से फिर दोबारा गंगाजल से उन्हें स्नान कराकर साफ कपड़े से पोछकर उन्हें आसन पर बैठा दें।

• इसके बाद मां गौरी को आपके घर आने और उन्हें आसन पर विराजमान होने के लिए उनका सच्चे दिल से आवाहन करें।

• यही नहीं, अब वस्त्र अर्पण कर उन्हें धूप और दीप दिखाएं और फूल-माला के साथ-साथ प्रसाद व दक्षिणा भी याद से चढ़ाएं।

• जब आप पूजा कर रहे हो, तो उस समय ऊं गौर्ये नम: , व ऊं पार्वत्यै नम: मंत्र का जाप करना ना भूलें।

गौरी पूजन का महत्व इसलिए भी बहुत खास है, क्योंकि यह चैत्र नवरात्रि के समय आता है। दोस्तों अगर आपकी मनोकामनाएं पूरी नहीं हो पा रही है, तो इस गौरी पूजन में अपने सच्चे मन से मां गौरी की अराधना करें और उन्हें अपने दिल की बात कह डाले.. सारी मनोकामनाएं अवश्य पूरी हो जाएंगी और आपको आनंद की प्राप्ति होगी।

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