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बुद्ध पुर्णिमा 2019 क्यों है खास, जानें इस दिन क्या करें और क्या ना करें!

बुद्ध पुर्णिमा - क्या करें और क्या ना करें

बुद्ध पूर्णिमा के पावन पर्व को भारत के कुछ इलाकों में वैशाख पूर्णिमा भी कहकर पुकारा जाता है। बता दें कि मई के महीने में पड़ने वाली इस पूर्णिमा के दिन सूर्य देव अपनी उच्च राशि मेष में विराजमान होते हैं… यानी कि सूर्य देव बहुत मजबूत स्थिति में होते हैं और चंद्रमा अपनी उच्च राशि तुला में होता है, जिसका मतलब यह हुआ कि बुद्ध पूर्णिमा की रात को चंद्रमा प्रबल होता है

बुद्ध पूर्णिमा क्यों है खास

हमारे ज्योतिषीय और धार्मिक दोनों ही दृष्टि से बुद्ध पूर्णिमा का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीं, बौद्ध धर्म को मानने वाले लोगों के लिए यह दिन दिवाली के त्योहार जैसा होता है। यह बहुत कम लोग जानते हैं कि महात्मा बुद्ध को भगवान विष्णु का ही अवतार माना जाता है और तो और बुद्ध पूर्णिमा के दिन उनका जन्मदिन दुनियाभर में लोग मनाते हैं। आज वेद संसार आपको बताने जा रहा कि बुद्ध पुर्णिमा पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए –

बुद्ध पूर्णिमा के दिन क्या करें

• इस खास दिन भगवान विष्णु की पूजा ज़रूर करें।

• कोशिश करें कि इस दिन मिट्टी का घड़ा या फिर ठंडे पानी का बोतल का दान करें।

• साथ ही सत्तू, मिठाई और वस्त्र किसी गरीब ब्राह्ण को दान करना ना भूलें।

• अगर आपके जीवन में कोई भी परेशानी है तो इस विशेष दिन सत्यनारायण की कथा ज़रूर सुनें।

• वहीं, रात में दूप, दीप दिखा कर चंद्रमा की पूजा भी ज़रूर करें।

बुद्ध पूर्णिमा के दिन क्या ना करें

• बुद्ध पूर्णिमा के दिन मांसाहार का सेवन भूलकर भी ना करें।

• याद रखें कि झूठ का सहारा लेकर कोई भी काम करने से ज़रूर बचें।

• अपने कर्म या फिर वचन से माता-पिता को दुख ना पहुंचाएं। हो सके तो उनकी सेवा करें औऱ वह चीज़ें ज़रूर करें जो उनको प्रसन्न करें।

बुद्ध पुर्णिमा की क्या है कहानी

कहते हैं कि भगवान बुद्ध ने जब अपने जीवन में हिंसा, पाप और मृत्यु को जाना था, तब उन्होनें मोह माया सब कुछ त्याग दिया था और अपने गृहस्थ जीवन से मुक्ती ले ली। यही नहीं, वह अपने जीवन के इस कठोर सच की खोज में निकल पड़े थे। लाखों साल बीत जाने के बाद आखिरकार बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचे उन्होंने तपस्या की और तब उन्हें जाकर ज्ञान की प्राप्ती हुई थी। बस तब से ही यह दिन पूरी सृष्टि यानी कि संसार के लिए खास दिन बन गया, जिसे वैशाख पूर्णिमा या बुद्ध पूर्णिमा के नाम से जाना जाने लगा।

दोस्तों अगर आप सोचते हैं कि यह बुद्ध पुर्णिमा सिर्फ बौद्ध लोग का पर्व है, तो आप गलत सोचते हैं क्योंकि यह खास पर्व है जिसे हिंदू धर्म के लोग और बौद्ध धर्म के लोग सभी बहुत ही हर्षोउल्लास के साथ मनाते हैं।

हम सभी भगवान बुद्ध की तरह विद्वान भले नहीं बन सकते, पर उनका आशीर्वाद पाकर हम एक खुशहाल ज़िंदगी ज़रूर पा सकते हैं। भगवान बुद्ध के कई ऐसे विचार हैं, जो हमें अपने जीवन में सफलता हासिल करने में बहुत मदद कर सकता है।

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