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भानु सप्तमी का क्या है महत्व, जानें व्रत कथा और पूजा विधि!

भानु सप्तमी का क्या है महत्व, जानें व्रत कथा और पूजा विधि

क्या आप जानते हैं कि भानु सूर्य भगवान को कहते हैं। हमारे हिंदू धर्म में सूर्य देव को ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि भानु सप्तमी के दिन अगर कोई भक्त पूरे मन से सूर्य देव की उपासना करे, तो जाने आनजाने में उससे हुआ कोई भी पाप नाश हो  जाता है और साथ ही आपके सारे दुखों का भी नाश हो जाता है।

भगवान सूर्य देव को सभी ग्रहों में श्रेष्ठ माना गया है। इस खास दिन जो भी भक्त सूर्य देव की पूजा अर्चना करते समय आदित्य ह्रदय और अन्य सूर्य स्त्रोत का पाठ अगर करते हैं, तो उन्हें व इसे सुनने वालों को भी शुभ फल की प्राप्ति ज़रूर होती है। यही नहीं, हिंदू धर्म में भी ऐसी मान्यता है कि सूर्य देव को अर्घ्य देने से इंसान की याददाश्त अच्छी होती है और उसका मन शांतचित्त होता है।

भानु सप्तमी का महत्व –

चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को सुबह-सुबह उठकर जो भी भक्त पूरे विधि-विधान के साथ भानु सप्तमी का व्रत रखता है, उसे मनचाहा फल ज़रूर मिलता है। यही नहीं, इस दिन जो भी भक्त प्रयागराज में संगम में डुबकी लगा पाते हैं, उन्हें भी काफी पुण्य फल की प्राप्ति होती है। कहा तो यह भी जाता है कि जो भी भक्त इस दिन गंगा स्नान करके सूर्य भगवान को जल अर्पित करते हैं, उसकी आयु लंबी होती है, उसकी काया निरोगी रहती है और साथ ही उसे कभी भी धन की कमी नहीं होती है।

भानु सप्तमी के दिन क्या करें –

भानु सप्तमी के दिन क्या करें

भानु सप्तमी के खास दिन सुबह उठकर सबसे पहले स्नान करें और फिर उसके बाद पूरे मन से सूर्य भगवान की पूजा करें। एक तांबे के बर्तन में साफ पानी भरकर तथा उसमें लाल चंदन, अक्षत, लाल रंग के फूल डालकर सूर्य देव को ‘ॐ सूर्याय नमः’ कहते हुए अर्घ्य भी दें और उनसे हाथ जोड़कर प्रार्थना करें कि वो अपनी कृपा आप पर हमेशा बनाए रखें। जो भी भक्त इस विशेष दिन दान-पुण्य का काम करता हैं, उनके घर में हमेशा धन-धान्य भरा रहता है।

भानु सप्तमी के दिन पढ़ें यह मंत्र –

भानु सप्तमी के दिन सूर्य देव की पूजा करते समय आप ऊँ घृणि सूर्याय नम:, ॐ सूर्याय नम:, नमस्ते रुद्ररूपाय रसानां पतये नम:, वरुणाय नमस्तेस्तु मंत्र का पाठ कर सकते हैं। बता दें कि यह सूर्य देव के ही मंत्र हैं।

भानु सप्तमी व्रत का क्या है महत्व:

हमारे हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार… भानु सप्तमी के दिन हवन, मंत्रो का पाठ, दान-पुण्य करने से कई गुना फल की प्राप्ति होती है। कहते हैं कि इस खास दिन जो भी भक्त पूरे मन से विधिवत तरीके से सूर्य देव की पूजा-अर्चना करते है वह कभी अंधे, दरिद्र, दु:खी और शोकग्रस्त नहीं होते हैं।

दोस्तों अगर आप वाकई में सूर्य देव की कृपा चाहते हैं, तो ज़रूर भानु सप्तमी का व्रत रखें और नियमपूर्वक इसकी पूजा भी करें। भगवान सूर्य कभी किसी की झोली खाली नहीं रखते और जल्दी ही सबकी पुकार सुनते हैं, बस ज़रूरी है सच्ची आस्था और भक्ति की।

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