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भैरव अष्टमी का क्या है महत्व, जानें खास 10 उपाय और लाभ

भैरव अष्टमी का क्या है महत्व

भैरव अष्टमी की महिमा के बारे में क्या आपने कभी किसी से सुना है… यह वह देवता हैं जिनसे सच्चे मन से मांगा हर वरदान अवश्य पूरा होता है। बहुत से लोग अब तक अनजान होंगे कि भला भैरव अष्टमी का महत्व क्या है और इस खास दिन किन उपायों के करने से आपको लाभ की प्राप्ति हो सकती है।

भैरव अष्टमी के दिन ही काल भैरव का हुआ था जन्म। ऐसी मान्यता है कि काल भैरव की पूजा करने से आपके घर में हमेशा सकारात्मक ऊर्जाएं रहेंगी वहीं, नकारात्मक शक्ति से आप कोसो दूर रहेंगे। यही नहीं, अगर आपके घर को काल भैरव का आशीर्वाद प्राप्त होगा तो चारों तरफ से खुशियां आपके कदम चुमने लगेगी।

आज वेद संसार आपको ऐसे खास 10 उपाय बताने जा रहा है जिसे अपनाने से आपको भैरव अष्टमी के दिन काल भैरव का आशीर्वाद ज़रूर प्राप्त होगा – 

• उपाय 1

रविवार, बुधवार या फिर बृहस्पतिवार के दिन एक रोटी पर अपनी तर्जनी और मध्यमा अंगुली से तेल में डुबोकर एक लाइन को खींच दें। उसके बाद उस रोटी को किसी दो रंग वाले कुत्ते को खिला दें। अगर वह कुत्ता आपकी रोटी खा लेता है, तो मान लें कि आपको भैरव नाथ का आशीर्वाद मिल गया है और वहीं, अगर कुत्ता आपकी रोटी सूंघ कर आगे बढ़ जाए तो इसी तरह रोजाना रोटी डाला करें।

• उपाय 2

वहीं, आप यह दूसरा उपाय भी अपना सकते हैं जैसे कि – उड़द की दाल के पकौड़े शनिवार की रात को ही सरसों के तेल में बना लें। अब रातभर उन्हें रखने के बाद सुबह बिना किसी के टोके घर से निकल जाएं। याद रखें कि रास्ते में जो पहला कुत्ता दिखाई दे जाए तो उसे पकौड़े खाने को दे। इस बात का ध्यान रखें कि पकौड़े खिलाने के बाद आप भूलकर भी कुत्ते को पलट कर ना देखें। जान लें कि इस उपाय को काल भैरव जयंती या फिर रविवार के दिन ही करना चाहिए।

• उपाय 3

भैरव अष्टमी के दिन आप अपने शहर के किसी ऐसे भैरव मंदिर में ज़रूर जाएं जहां कम ही लोग जाया करते हो। रविवार के दिन सुबह-सुबह आप सिंदूर, तेल, नारियल, पुए और जलेबी लेकर वहां जाएं और भैरव नाथ की पूजा करें। यही नहीं, इसके बाद आप 5 से 7 साल तक के लड़कों को चने-चिरौंजी, तेल, नारियल, पुए और जलेबी का उन्हें प्रसाद के तौर पर बांटें। आपको जानकर हैरानी होगी, लेकिन यह ,सत्य है कि जिनकी कोई पूजा नहीं करता है…  ऐसे भैरव की पूजा करने से भैरवनाथ बहुत जल्दी सारी मनोकामनाओं को पूरा करते हैं।

• उपाय 4

आपको शायद यह आश्चर्य की बात लगेगी लेकिन सत्य यही है कि किसी कोढ़ी, भिखारी को भैरव अष्टमी के दिन मदिरा दान ज़रूर करें। बता दें कि भैरव नाथ को मदिरा का भोग लगाया जाता है और ऐसा करने से वह बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं।

• उपाय 5

बुधवार या फिर आप काल भैरव जयंती के दिन सवा किलो जलेबी भैरव नाथ को ज़रूर चढ़ाएं। वहीं, जलेबी का एक भाग कुत्तों को भी खिलाएं।

• उपाय 6

शनिवार या काल भैरव जयंती के दिन कड़वे तेल में पापड़, पकौड़े, पुए आदि पकवान को तलें और फिर एक दिन उन्हें रखकर रविवार को या उसके अगले दिन गरीब बस्ती में जाकर बांट दें।

• उपाय 7

कोशिश करें कि रविवार, शुक्रवार या काल भैरव जयंती के दिन किसी भैरव मं‍दिर में आप चंदन, गुलाब और गुगल की खुशबूदार 33 अगरबत्तियां भी जला सकते हैं।

• उपाय 8

कोई भी 5 गुरुवार को 5 नींबू काल भैरव जयंती के शुभ दिन भैरव नाथ को चढ़ाएं। जान लें कि ऐसा करने वाले व्यक्ति पर काल भैरव की विशेष कृपा बरसती है।

• उपाय 9

वहीं, आप बुधवार या काल भैरव जयंती के दिन सवा सौ ग्राम काले तिल, सवा 11 रुपए, सवा सौ ग्राम काले उड़द, सवा मीटर काले कपड़े में एक पोटली बनाकर भैरव नाथ के मंदिर में चढ़ाएं और चमत्कार देखें।

• उपाय 10

बताते चलें कि काल भैरव के मंदिर जाकर भगवान काल भैरव की आरती अवश्य करें और उन्हें पीले रंग की ध्वज भी चढ़ाएं।

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