ईवेंट हिन्दू पर्व

बैसाखी का 13 अप्रैल से क्या है खास कनेक्शन, जानें पर्व से जुड़ी यह बातें!

बैसाखी का 13 अप्रैल से क्या है खास कनेक्शन

पूरे देश में बैसाखी का पर्व बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। लेकिन कभी आपने यह जानने की कोशिश की है कि आखिर क्यों यह पर्व हर साल अप्रैल के महीने में ही मनाया जाता है और वह भी 13 अप्रैल के दिन? इस त्योहार का किसानों से क्या है खास नाता? और तो और इस दिन मौसम में भी आते हैं बदलाव क्यों???

आज वेद संसार बैसाखी से जुड़ी अनसुनी बातें आपसे शेयर करने जा रहा है तो तैयार हो जाइए बैसाखी के खास पर्व को और अच्छे से जानने की – 

बैसाखी नाम कैसे पड़ा – 

यह बहुत कम लोग जानते हैं कि बैसाखी के समय आकाश में विशाखा नक्षत्र मौजूद होता है और विशाखा नक्षत्र पूर्णिमा में होने के कारण इस माह को बैसाखी कहकर पुकारा जाता हैं। आम बोली में बोले तो वैशाख माह के पहले दिन को ही बैसाखी कहा जाता है। बता दें कि इस दिन सूर्य मेष राशि में प्रवेश करता है और इसलिए इसे मेष संक्रांति भी कहा जाता है।

बैसाखी कैसे है किसानों का त्योहार –

दरअसल, पर्व बैसाखी सिख धर्म की स्थापना और फसल पकने के प्रतिक के रूप में मनाई जाती है। इस महीने खरीफ फसल पूरी तरह से पक कर तैयार हो जाती है और साथ ही पकी हुई फसल को काटने की शुरुआत भी हो जाती है। बता दें कि ऐसे में किसान खरीफ की फसल पकने की खुशी में यह त्योहार मनाते हैं।

हर साल 13 या 14 अप्रैल को ही क्यों  मनाते हैं बैसाखी –

बैसाखी त्योहार अप्रैल के महीने में तब मनाया जाता है, जब मेष राशि में सूर्य प्रवेश करता है। जान लें कि यह घटना हर साल 13 या फिर 14 अप्रैल को ही होती है इसलिए बैशाखी का शुभ पर्व इन्हीं दो दिनों में से एक दिन मनाया जाता है।

कृषि का उत्सव है बैसाखी, जानें कैसे –

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सूर्य की स्थिति परिवर्तन के कारण इसी खास दिन के बाद से धूप तेज होने लग जाती है और गर्मी शुरू हो जाती है। इन गर्म किरणों से रबी की फसल पक जाती है और इसलिए किसानों के लिए यह पर्व किसी उत्सव से कम नहीं होता।

किसानों के लिए सोना है गेहूं, जानें क्यों – 

जैसा कि आप जानते होंगे कि हमारा देश कृषि प्रधान देश है, इसलिए बैसाखी पर गेहूं की कटाई शुरू हो जाती है। गेहूं को पंजाब के किसान कनक यानी कि सोना भी कहते हैं। यह फसल उनके लिए सोने के समान होती है, जिसमें उनकी मेहनत का रंग साफ-साफ दिखायी देता है।

बैशाखी के दिन क्या होता है खास –

• इस शुभ दिन सिख गुरुद्वारों में विशेष उत्सव मनाते हैं।

• खेत में खड़ी फसल पर हर्षोल्लास प्रकट किया जाता है।

• दरअसल, इस त्योहार पर फसल पकने के बाद उसके कटने की तैयारी का उल्लास साफतौर पर दिखाई देता है, जिस कारण बैसाखी एक लोक त्योहार माना जाता है।

• बैसाखी पर्व के दिन समस्त उत्तर भारत की पवित्र नदियों में स्नान करने का माहात्म्य माना जाता है अत: इस दिन प्रात:काल नदी में स्नान करना हमारा धर्म भी है।

• यूं तो भारत में महीनों के नाम नक्षत्रों पर ही रखे गए हैं। बैसाखी के समय आकाश में विशाखा नक्षत्र मौजूद होता है। और विशाखा युवा पूर्णिमा में होने के कारण इस माह को ‘बैसाखी’ कहकर पुकारा जाता है।

• इस प्रकार वैशाख मास के प्रथम दिन को ही ‘बैसाखी’ कहा गया और पर्व के रूप में स्वीकार किया गया है।

• बता दें कि बैसाखी के दिन ही सूर्य मेष राशि में संक्रमण करता है अत: इसे मेष संक्रांति भी कहते हैं। यह पर्व पूरी दुनिया को भारत के करीब लाता है।

Leave a Comment