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बगलामुखी जयंती क्या है, जानें पूजा के लाभ और विधि

बगलामुखी जयंती क्या है, जानें पूजा के लाभ और विधि

वैशाख शुक्ल अष्टमी के शुभ दिन मां बगलामुखी की जयंती मनाई जाती है। कहते हैं कि इसी पावन दिन मां बगलामुखी का प्राकट्य हुआ था। बता दें कि मां बगलामुखी को पीला रंग बेहद पसंद है, इसीलिए इन्हें पीताम्बरा भी कहकर लोग पुकारते हैं। यही नहीं, मां की पूजा में पीले रंग की सामग्रियां होने से पूजा का शुभ लाभ भी प्राप्त होता है। जान लें कि मां बगलामुखी की साधना शत्रु से जुड़ी तमाम बाधाओं से मुक्ति के लिए बहुत ही कारगर व अचूक मानी जाती है।

मां बगलामुखी को क्यों कहा जाता है शत्रुओं पर विजय दिलाने वाली देवी –

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मां बगलामुखी दसमहाविद्याओं में आठवीं महाविद्या हैं। यह स्तम्भन की देवी कहलाती हैं और सारे ब्रह्माण्ड की शक्ति मिल कर भी इनका मुकाबला नहीं कर पाती है। मां बगलामुखी की पूजा करने से शत्रुओं की पराजय तो होती ही है व साथ ही इनकी पूजा आपको और सभी तरह के वाद-विवाद से बचाती है और हमेशा विजय प्राप्त करवाती हैंं।

मां बगलामुखी की ऐसे करें पूजा, जानें सारी विधि –

अगर आप मां बगलामुखी की विशेष कृपा पाना चाहते हैं, तो जैसा कि हमने पहले भी बताया कि मां बगलामुखी को पीला रंग बहुत पसंद है इसलिए अपने घर के उत्तर दिशा में पीला कपड़ा पहनकर माता की फोटो रखें और फिर पीले रंग के फूलों से उनकी सच्चे मन से और पूरे विधि-विधान के साथ पूजा करें। साथ ही भोग के रूप में बेसन का लड्डू ज़रूर चढ़ाएं। ऐसी मान्यता है कि बताए गए विधि विधान से बगलामुखी जयंती पर माता की साधना व उपासना करने से आपकी सभी तरह की परेशानियां हमेशा के लिए दूर हो जाएंगी और आपका जीवन सुखमय हो जाएगा।

मां बगलामुखी की पूजा के क्या हैं लाभ –

मां बगलामुखी की सच्ची अराधना करने से आपको मनचाहा वरदान प्राप्त होगा और साथ ही शत्रुनाश, वाकसिद्धि, वाद-विवाद में भी आपको सफलता हासिल होगी। इस मां बगलामुखी जयंती पर आपके सारे अरमान जो पूरे नहीं हो पा रहे हैं उसके लिए पूजा करें और मां से मांगे देखिएगा मां बगलामुखी आपकी मनोकामना ज़रूर पूरी करेगी और काफी शुभ एवं लाभ पहुंचाएगी।

माँ बगलामुखी की पूजा करने से पहले जान लें यह खास नियम और सावधानियां –

• यह बहुत कम लोग जानते हैं कि इनकी पूजा तंत्र की पूजा होती है, इसलिए बिना किसी गुरु के निर्देशन के इनकी पूजा नहीं करनी चाहिए।

• अगर आप यह पूजा करने जा रहे हैं, तो कभी भी किसी के नाश के लिए या बुराई के लिए बिल्कुल भी ना करें।

• मां बगलामुखी की पूजा करते समय इस बात का खास ध्यान रखें कि आपका आसन पीला हो, वस्त्र पीला हो, प्रसाद भी पीला हो और साथ ही पीले नैवैद्य का ही प्रयोग करें।

• वहीं, इनके मन्त्र जाप के लिए हल्दी की माला का ही प्रयोग करें।

• मां बगलामुखी की पूजा का उपयुक्त समय है – सँध्याकाल या मध्यरात्रि।

• यही नहीं, शत्रु और विरोधियों को शांत करने के लिए, बगलामुखी जन्मोत्सव पर इनकी पूजा जरूर करें।

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