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अक्षय तृतिया 2019 शुभ मुहूर्त – जानें इस दिन क्या करें और क्या ना करें

अक्षय तृतिया 2019 शुभ मुहूर्त

अक्षय अर्थात् जिसका कभी क्षय ना हो… हमारे हिंदू धर्म में ‘अक्षय-तृतीया’ एक बहुत ही महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। बता दें कि ‘अक्षय-तृतीया’ को अबूझ व स्वयं सिद्ध मुहूर्त की मान्यता प्राप्त है। हर साल अक्षय-तृतीया का यह महान पर्व वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को ही मनायी जाती है।

अक्षय-तृतिया 2019 – शुभ मुहूर्त

 तिथि- 7 मई 2019, मंगलवार के दिन अक्षय तृतीया मनाई जाएगी। पूजा का शुभ मुहूर्त: सुबह 5.40 बजे से दोपहर 12.17 बजे तक। सोना खरीदने का मुहूर्त: सुबह 6.26 बजे से लेकर रात 11.47 बजे तक।

क्या आप जानते हैं कि अक्षय-तृतीया के दिन सम्पन्न की गईं साधनाएं व दान अक्षय रहकर शीघ्र फलदायी मानी जाती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ‘अक्षय-तृतीया’ के शुभ दिन साधक हत्थाजोड़ी सिद्धि, लक्ष्मी प्राप्ति साधना, अरिष्ट निवारण साधना सम्पन्न कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं। वहीं, पितृ-दोष से मुक्ति के लिए ‘अक्षत-तृतीया’ बहुत ही अच्छा अवसर माना जाता है क्योंकि इस दिन पितृगणों के निमित्त दिया गया दान अक्षय होकर पितृगणों को तुष्ट करता है।

अक्षय तृतीया के दिन ज़रूर करें यह खास 5 काम –

• सुख शांति: 11 गोमती चक्रों को अगर आप लाल रेशमी वस्त्र में बांधकर चांदी की डिब्बी में रखेंगे, तो आपके घर में सदैव सुख-शांति का वातावरण बना रहेगा।

• व्यापारिक लाभ: वहीं, 27 गोमती चक्रों को पीले या फिर लाल रेशमी वस्त्र में बांधकर अपने प्रतिष्ठान के मुख्य द्वार पर अगर आफ बांधेंगे तो आपको व्यापार में आशातीत लाभ होगा।

• कर्मक्षेत्र: दूसरी ओर, अगर आपको कर्मक्षेत्र में बाधाएं आ रही हों या फिर पदोन्नति में रुकावट हो तो ‘अक्षय-तृतीया’ के दिन शिवालय में शिवलिंग पर 13 गोमती चक्र अपनी मनोकामना का स्मरण करते हुए अर्पित करें आपको लाभ ज़रूर मिलेगा।

• भाग्योदय: याद से ‘अक्षय-तृतीया’ के शुभ दिन प्रात:काल उठते ही सर्वप्रथम 11 गोमती चक्रों को पीसकर उनका चूर्ण बना लें और फिर इस चूर्ण को अपने घर के मुख्य द्वार के सामने अपने ईष्ट देव का स्मरण करते हुए बिखेर दें। इस खास प्रयोग से कुछ ही दिनों में आपका दुर्भाग्य समाप्त हो जाएगा और भाग्योदय होगा।

• पितृ-दोष से मुक्ति के लिए: यही नहीं, जिन जातकों की जन्मपत्रिका में ‘पितृ-दोष’ है वे ‘अक्षय-तृतीया’ के दिन प्रात:काल किसी स्वच्छ स्थान या फिर मन्दिर में लगे पीपल के ऊपर अपने पितृगणों के निमित्त घर का बना मिष्ठान व एक मटकी में शुद्ध जल याद से रखें। पीपल के नीचे धूप-दीप प्रज्ज्वलित कर अपने पितृगणों की संतुष्टि के लिए प्रार्थना अवश्य से करें और फिर बिना पीछे देखे सीधे अपने घर को लौट आएं। ध्यान इस बात का रखें कि इस प्रयोग को करते समय अन्य किसी व्यक्ति की दृष्टि ना पड़ें। जान लें कि इस प्रयोग को करने से पितृगण शीघ्र ही संतुष्ट होकर अपना आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

अक्षय तृतीया के दिन ना करें यह 5 काम –

• अक्षय तृतीया के दिन भूलकर भी बिना नहाए तुलसी की पत्तियों को ना तोड़ें, क्योंकि भगवान विष्णु को तुलसी बहुत ही प्रिय होती हैं इसलिए ऐसा करने से मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं।

• अक्षय तृतीया पर माता लक्ष्मी की पूजा तो ज़रूर होती है और ऐसे में स्वच्छता एवं शुद्धता का ध्यान ज़रूर रखें।

• अक्षय तृतिया के दिन कहीं किसी यात्रा पर ना निकलें क्योंकि यह अशुभ माना जाता है।

• अक्षय तृतिया के दिन कोई भी पौधान ना लगाएं, क्योंकि यह शुभ नहीं होता।

• अक्षय तृतिया के दिन घर खरीदना तो बहुत शुभ होता है, लेकिन किसी तरह का निर्माण कार्य करने से अवश्य बचें, क्योंकि यह शुभ नहीं माना जाता है।

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