चाणक्य नीति

चाणक्य नीति: किसी पर भरोसा करने से पहले जान लें यह 4 बातें

चाणक्य ने अपनी नीतियों से हमें अकसर बहुत सारी ज्ञान की बातें और शिक्षाएं दी हैं। चाणक्य की कोई भी बात कभी गलत साबित नहीं हुई है और हम अगर उन्हें आज भी अपनाते हैं तो हमारा जीवन सुखमय होने से कोई नहीं रोक पाएगा। चाणक्य की बातों के पीछे एक कारण जरूर छुपा रहता है, जो हर किसी की ज़िंदगी को जरूर से कनेक्ट करता है।

आज वेद संसार आपको चाणक्य की एक ऐसी ही नीति के बारे में बताने जा रहा है, जो हमें यह सीख देगी कि कभी किसी पर फिर चाहे वह कोई परिवार वाला हो या फिर दोस्त आसानी से भरोसा नहीं करना चाहिए। लोगों को पहचानना बहुत ही मुश्किल है… जो चेहरे से कुछ नजर आते हैं, वह अंदर से कोई और ही होते हैं। ऐसे में आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी हो जाता है कि कौन शख्स आपके लिए अच्छा सोचता है और कौन शख्स बुरा…

चाणक्य के श्लोक –

यथा चतुर्भि: कनकं परीक्षयते निघर्षणं छेदनतापताडनै:।तथा चतुर्भि: पुरुषं परीक्ष्यते निघर्षणं छेदनतापताडनै:।

अर्थ – जिस तरह से सोने को रगड़कर, काटकर, आग में तपाकर, पीट कर परखा जाता है ठीक उसी तरह किसी इंसान पर भरोसा करने के पहले हमें 4 बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए।

चाणक्य ने अपनी नीति में यह 4 तरीकें बताए हैं, जिससे आप व्यक्ति को आसानी से परख सकते हैं –

• त्याग की भावना –

चाणक्य की मानें तो किसी पर भरोसा जल्दी नहीं करना चाहिए और अगर करना भी चाहते हैं तो सबसे पहले उसमें त्याग की भावना को देख लेना चाहिए। याद रखें कि जिस व्यक्ति में त्याग की भावना नहीं होती है वह लोग कभी अच्छे इंसान नहीं बन पाते हैं और ऐसे लोग पर आप भरोसा कर के सबसे बड़ी भूल करते हैं।

• चरित्र की जानकारी –

वहीं, किसी को बिना जाने, पहचाने या उसके चरित्र के बारे में जानकारी ना होने पर उन लोगों से कोसो दूरी बनाकर रखने में ही भलाई है। यह बात गांठ बाध लें कि इंसान किसी का चरित्र देखें बिना उस पर भरोसा कर लें तो उसके साथ रहने वाले को भी उसी नज़र से देखा जाएगा जो कि बिल्कुल भी सही नहीं होगा।

• अहंकार की भावना –

कुछ लोगों के पास बहुत पैसा, ऐश्वर्य होता है जो उन्हें अहंकारी बना देता है। यूं तो हर इंसान में बहुत सारे गुण और अवगुण मौजूद होते हैं, लेकिन साथ ही कुछ लोग अपने अंदर अहंकार की भावना भी साथ लिए रखते हैं जो किसी बुरी आदत से कम नहीं होती है और यह आदत उन्हें एक ना एक दिन ले डुबती है। आपके लिए अच्छा यही होगा कि आप अहंकारी लोग से दूरी बनाकर रखें और उन पर भरोसा करने से बचें।

• काम करने का तरीका देखें –

यही नहीं, चाणक्य कहते हैं किसी पर भरोसा करने से पहले व्यक्ति का काम जरूर से देख लेना चाहिए कि वह अपने काम को कैसे करता है… गलत काम वालों पर कभी विश्वास नहीं करना चाहिए क्योंकि जो इंसान अपने काम के साथ धोखा कर सकता है, वह आपके साथ भी धोखा कर सकता है फिर आप खुद सोच लें कि वह इंसान आपके लिए भरोसेमंद साबित होगा भी या नहीं।

 

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