चालीसा

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श्री सूर्य चालीसा

॥दोहा॥ कनक बदन कुण्डल मकर, मुक्ता माला अङ्ग, पद्मासन स्थित ध्याइए, शंख चक्र के सङ्ग॥ ॥चौपाई॥ जय सविता जय जयति दिवाकर!, सहस्त्रांशु! सप्ताश्व तिमिरहर॥ भानु! पतंग! मरीची! भास्कर!, सविता हंस! सुनूर...

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श्री लक्ष्मी चालीसा, जाने पूरे अर्थ के साथ

श्री लक्ष्मी चालीसा (अर्थ के साथ) ॥दोहा॥ मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास। मनोकामना सिद्ध करि, परुवहु मेरी आस॥ अर्थ: हे मां लक्ष्मी दया करके मेरे हृद्य में वास करो हे मां मेरी मनोकामनाओं...

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पार्वती जी की चालीसा

॥ दोहा ॥ जय गिरी तनये डग्यगे शम्भू प्रिये गुणखानी गणपति जननी पार्वती अम्बे ! शक्ति ! भवामिनी ॥ चालीसा॥ ब्रह्मा भेद न तुम्हरे पावे , पांच बदन नित तुमको ध्यावे शशतमुखकाही न सकतयाष तेरो , सहसबदन...

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संतोषी माता की चालीसा

दोहा बन्दौं सन्तोषी चरण रिद्धि-सिद्धि दातार। ध्यान धरत ही होत नर दुःख सागर से पार॥ भक्तन को सन्तोष दे सन्तोषी तव नाम। कृपा करहु जगदम्ब अब आया तेरे धाम॥ चालीसा जय सन्तोषी मात अनूपम। शान्ति...

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श्री हनुमान चालीसा (अर्थ के साथ)

श्री हनुमान चालीसा (अर्थ के साथ) ।। दोहा ।। श्री गुरु चरण सरोज ऱज , निज मन मुकुर सुधर | वर्णों रघुबीर विमल जसु , जो दयाकू फल चार || अर्थ: गुरु से प्रार्थना करता हूँ ,श्रेष्ट गुरु के पैर जो कमल की तरह...

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श्री गणेश चालीसा (अर्थ के साथ)

श्री गणेश चालीसा (अर्थ के साथ) ॥दोहा॥ जय गणपति सदगुणसदन, कविवर बदन कृपाल। विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल॥ हे सदगुणों के सदन भगवान श्री गणेश आपकी जय हो, कवि भी आपको कृपालु बताते हैं। आप...

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श्री सरस्वती प्रार्थना और उसका अर्थ

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृताया वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना। या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभि र्देवैः सदा वन्दिता सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा...

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श्री दुर्गा चालीसा (अर्थ के साथ)

श्री दुर्गा चालीसा (अर्थ के साथ) नमो नमो दुर्गे सुख करनी । नमो नमो अम्बे दुःख हरनी ॥ आपको प्रणाम, ओ दुर्गा माता, जो सभी को हर्ष प्रदान करती हैं। आपको प्रणाम, ओ अम्बा माता, जो सभी के दुःख हर लेती...

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श्री शनि चालीसा (अर्थ के साथ)

श्री शनि चालीसा (अर्थ के साथ) ॥दोहा॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल। दीनन के दुख दूर करि, कीजै नाथ निहाल॥ जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज। करहु कृपा हे रवि तनय, राखहु जन की...