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चालीसा

श्री शिव चालीसा (अर्थ के साथ)

श्री शिव चालीसा (अर्थ के साथ) ।।दोहा।। श्री गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥ अर्थ: हे गिरिजा पुत्र भगवान श्री गणेश आपकी जय हो। आप मंगलकारी हैं, विद्वता के...

हस्तरेखा

हथेली पर तिल होने का क्या होता है मतलब

हमारे समुद्रशास्त्र में शरीर के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद तिल के बारे में काफी विस्तार के साथ बताया गया है। जिस तरह हमारी हथेली पर कई तरह के निशान मौजूद होते है ठीक उसी तरह से अलग-अलग भागों और...

धार्मिक स्थल

हनुमान जी के वह 5 मंदि‍र जहां पूरी होती है मन की मुराद

भगवान हनुमान एक ऐसे भगवान है, जिन्हें इस कलयुग में भी जीवित देवता माना गया है और उनकी पूरे सच्चे मन से पूजा करने वाले भक्तों की मनोकामना भी तुरंत पूरी होती है। हमारे हिन्दू धर्म में भगवान श्री...

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दैवीय गुणों से भरपूर यह पौधा देता है शुभ व अशुभ का संकेत

हम सभी अपने घर में तुलसी का पौधा ज़रूर लगाते हैं, लेकिन क्या कभी आपने तुलसी के महत्व को जानने की कोशिश की है? यूं तो आपने तुलसी को घर के आंगन में, बालकनी, छत या फिर बगीचे में देखा होगा, लेकिन क्या...

राशिफल

कैसा रहेगा 2019 में आपका स्वास्थ्य, जानें राशि अनुसार

इंसान चाहे कितना भी पैसा कमा लें वह उन पैसों का आनंद तब तक नहीं उठा सकता जब तक की वह पूरी तरह स्वस्थ ना हो। जी हां, सबसे अमीर इंसान वही होता है जिसे कोई बीमारी ना हो… वह जो चाहे खा सकता है, पहन...

चालीसा

मां काली चालीसा

॥॥दोहा ॥॥ जयकाली कलिमलहरण, महिमा अगम अपार महिष मर्दिनी कालिका, देहु अभय अपार ॥ अरि मद मान मिटावन हारी । मुण्डमाल गल सोहत प्यारी ॥ अष्टभुजी सुखदायक माता । दुष्टदलन जग में विख्याता ॥1॥ भाल...

चालीसा

श्री राधा चालीसा

।।दोहा।। श्री राधे वुषभानुजा , भक्तनि प्राणाधार । वृन्दाविपिन विहारिणी , प्रानावौ बारम्बार ।। जैसो तैसो रावरौ, कृष्ण प्रिय सुखधाम । चरण शरण निज दीजिये सुन्दर सुखद ललाम ।। ।।चौपाई।। जय...

धर्म ज्ञान

योग क्या है तथा इसकी क्यों है आवश्यकता

योग जीवन में एक खास महत्व रखता है, जिससे इंसान स्वस्थ, खुश और टेंशन फ्री लाइफ जीता है। बता दें कि योगासन हमारे शरीर और मन को स्वस्थ रखने की प्राचीन भारतीय प्रणाली है और वहीं, शरीर को किसी ऐसे आसन...

चालीसा

चामुण्डा देवी की चालीसा

दोहा नीलवरण मा कालिका रहती सदा प्रचंड । दस हाथो मई ससत्रा धार देती दुस्त को दांड्ड़  ।। मधु केटभ संहार कर करी धर्म की जीत । मेरी भी बढ़ा हरो हो जो कर्म पुनीत  ।। चौपाई नमस्कार चामुंडा माता ।...

आरतियाँ

चामुण्डा देवी की आरती

जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी। निशिदिन तुमको ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवजी॥ जय अम्बे माँग सिन्दूर विराजत, टीको, मृगमद को। उज्जवल से दोउ नयना, चन्द्रबदन नीको॥ जय अम्बे कनक समान कलेवर...